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MP News: विजयदशमी से रामदान की लूट के खिलाफ सत्य सनातन यात्रा पर निकलेंगे दिग्विजय

डिजिटल डेस्क, भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विजयादशमी के दिन सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा पर निकलेंगे। यात्रा शिव धाम (उज्जैन) से रामधाम (अयोध्या) तक निकाली जाएगी। यात्रा को लेकर बुधवार को दिग्विजय सिंह ने पत्नी अमृता के साथ भोपाल में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस की। दिग्विजय ने कहा कि देश में वोट चोरी और चंदा चोरी दो बड़े मुद्दे हैं। इन दोनों मुद्दों पर पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग को लेकर मैं सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निकाल रहा हूं। इस दौरान उन्होंने एक ब्रोशर और पोस्टर भी जारी किया। इसमें लिखा कि रामदान (राम मंिदर में चंदा चाेरी) के बारे में लिखा है। उन्होंने डिजीटल याचिका और धर्म ध्वज (इंद्र ध्वज) दिखाते हुए कहा कि 20 अक्टूबर को उज्जैन महाकाल मंदिर से यात्रा शुरु होगी। ओरछा के रामराजा सरकार मंदिर से होते हुए अयोध्या के रामलला मंदिर तक पहुंचेगी। हमारी यात्रा किसी धर्म, संप्रदाय या व्यक्ति के विरुद्ध नहीं है। हम समाज से कहना चाहते हैं, मंदिर हमारी आस्था के केंद्र हैं। श्रद्धालुओं का चढ़ावा और दान उनकी मेहनत और श्रद्धा से आता है। उस धन की रक्षा करना और उसका पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। सिंह ने कहा यह गैर राजनीतिक यात्रा है लेकिन जहां उनका नाम आए और वो गैर राजनीतिक कैसे हो सकती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में यात्रा को लेकर सरकार न होने की भी बात का जिक्र किया। दिग्विजय ने यात्रा में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और उमा भारती को भी शामिल होने के लिए न्योता देने की बात कही। इस मौके पर डिजिटल फॉर्म भी लॉन्च कर यात्रा से जुड़ने की अपील की।
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गृह मंत्री शाह की तारीफ
दिग्विजय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तारीफ में कहा कि नर्मदा परिक्रमा के दौरान महाराष्ट्र से गुजरात के दौरान उन्होंने यात्रा की व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। चुनाव में नामांकन के दौरान यात्रा पहुंची थी और वोटिंग से पहले यात्रा गुजरात से निकल गई थी। दिग्विजय सिंह ने कहा एक फॉरेस्ट ऑफिसर ने मुझसे कहा था कि अमित शाह ने कहा दिग्विजय सिंह की यात्रा का समर्थन करो। पूरा स्वागत और खर्च वहन करना है। दिग्विजय सिंह ने कहा मैं अमित शाह से कभी नहीं मिला। लेकिन उन्होंने यात्रा की व्यवस्था की कारण कुछ भी हो सकता है। लेकिन मैं अमित शाह का इस मामले में शुक्रगुजार था। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि मैं अमित शाह का कोई प्रशंसक नहीं हूं। गृह मंत्री के नाते वे जो कुछ कर रहे हैं, जिस प्रकार संवैधानिक संस्थाओं पर लोगों को बैठा रहे हैं, उससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा। सिंह ने नीट एग्जाम, एमपी पीएससी, सीजीपीएससी सहित अन्य संस्थाओं में प्रदीप जोशी के नाम का जिक्र करते हुए आरएसएस पर निशाना साधा।
ईवीएम सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली पर सवाल
दिग्विजय सिंह ने कहा ईवीएम मैनुपुलेट होने की बात मैं 2019 से कर रहा हूं, लेकिन मेरी कोई बात को मानता ही नहीं था। कहा कंप्यूटर सॉफ्टवेयर कमांड को मानता है। ईवीएम मशीन बनाने में दो आरएसएस विचारधारा के लोग शामिल थे। सॉफ्टवेयर का स्टिक तय करता है कि कहां वोट जाएगा। फॉर्म 7 के तहत गलत तरीके से नाम हटाए गए। चुनाव आयोग के पास सिटिजनशिप का प्रमाण लेने का अधिकार नहीं है।
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मंत्री सारंग ने किया पलटवार
कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने दिग्विजय सिंह पर पलटवार करते हुए उन्हें जाकिर नाइक जैसे आतंकवादी को हीरो करने वाला बताया। कहा आतंकवादी संगठन को चलाने वाले व्यक्ति के मंच को साझा करते हैं। ऐसे दिग्विजय सिंह की सनातन दर्शन को किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। दिग्विजय सिंह हर समय सनातन धर्म को अपमान करने की सुपारी ले रखी है। वो विदेशी ताकतों के इशारों पर काम कर रहे हैं। देश के मान सम्मान को और हिंदू धर्म को बदनाम करना चाहते हैं। कांग्रेस के नेताओं ने राम मंदिर का विरोध और रामसेतु तोड़ने का षड्यंत्र रचा।आरएसएस देशभक्तों का समूह है। आरएसएस को ऐसे देशद्रोहियों के सर्टिफिकेट की कोई जरूरत नहीं है । दिग्विजय सिंह अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए इस तरह की बयानबाजी न करें। इससे पहले दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं सनातनी हूं। हिंदू फारसी से आया है। अब इस पर मुसलमान बनाने के बयान आते हैं। उन्होंने कहा जब मैं सीएम था तब वो लोग मेरे पैर छूने आए थे।
Created On :   9 Oct 2026 1:44 AM IST













