MP Monsoon 2026: मानसून से पहले उमस से बेहाल होगा एमपी? मौसम विभाग ने बताया कब बरसेंगे बदरा, तेज हवाओं के साथ होगी एंट्री

मानसून से पहले उमस से बेहाल होगा एमपी? मौसम विभाग ने बताया कब बरसेंगे बदरा, तेज हवाओं के साथ होगी एंट्री
देशभर में भीषण से लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। वहीं, दक्षिण-पश्चिम मानसून का बड़ी बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। देशभर में भीषण से लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। वहीं, दक्षिण-पश्चिम मानसून का बड़ी बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। इन सबके बीच पिछले कुछ दिनों से मानसून की रफ्तार अचानक थमी हुई सी नजर आ रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि 18 जून, 2026 तक मानसून उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, रांची और मुजफ्फरपुर में आ सकता है। ऐसे में समझते हैं कि मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री कब तक होने वाली है और इसका असर कब तक होने वाला है।

गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना

मध्य प्रदेश की तरफ दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार बढ़ रहा है। विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में एमपी के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। साथ ही 50-60 किमी प्रति घंटे की तफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। उन्होंने बताया कि उत्तरी सीमा प्रदेश के कई इलाकों को मानसून ने कवर कर लिया है। साथ की कहा कि आगामी 4-5 दिनों में इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल दिखाई दे रही है।

मानसून की रफ्तार धीमी क्यों?

मौसम वैज्ञानी शैलेंद्र कुमार नायक बताते हैं कि मानसून की गति धीमी है। इसकी वजह बंगाल की खाड़ी खामोश है, क्योंकि कि वहां पर इस समय कोई भी निम्न दाब का क्षेत्र नहीं बना पा रहा है। अगर यह दाब नहीं बनता है तो मानसूनी हवाओं को आगे बढ़ने में ऊर्जा नहीं मिलती है। इसके अलावा कई अन्य कारण भी शामिल है।

उमस का ग्राफ अचानक बढ़ा

मानसून की आधिकारिक एंट्री में थोड़ा ठहराव देखने को मिला है। इसके बाद भी मध्य प्रदेश में मानसून से जुड़ी एक्सटिविटी और मौसमी बदलाव तेजी से नजर आ रहे हैं। राज्य में उमस का ग्राफ अचानक बढ़ गया है। इससे सीधा संकेत मिलता है कि मानसून बहुत जल्द दस्तक दे सकता है। प्रदेश के कुछ राज्यों की बात की जाएं तो यहां पर आर्द्रता के आंकड़े चौंकाने वाले सामने आए हैं। इनमें बैतूल 90 प्रतिशत, रायसेन 77 फीसदी, पचमढ़ी 73 प्रतिशत और भोपाल में 64 प्रतिशत दर्ज की गई है। ये शाम के समय के आंकड़े हैं।

MP में मानसून की एंट्री?

शैलेंद्र नायक कहते हैं कि इसे ब्रेक मानसून कहना गलत होगा। जिसे उन्होंने एक छोटा विराम बताया है। साथ ही कहा कि मध्य प्रदेश के भीतर अगले 48 से 72 घंटों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती है, इसकी चपेट में प्रदेश के कई इलाके आने की संभावना जताई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मानसून की गतिविधियों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।

Created On :   18 Jun 2026 7:32 PM IST

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