उत्तर प्रदेश : बलिया की बेटी ने बढ़ाया जिले का मान,लिखी किताब मुफलिस में जिंदगी

May 6th, 2022

डिजिटल डेस्क, बलिया। बलिया की बेटी नेहा श्रीवास्तव ने जिले का नाम पूरे देश में रोशन किया है।उनकी लिखी किताब मुफलिस में जिंदगी आजकल पूरे परिदृश्य में चर्चा का विषय बनी हुई हैपुस्तक का विमोचन विगत दिन काशी में देश के प्रख्यात विद्वान और पद्मभूषण 2022 ने नवाजे गए पूर्व कुलपति संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसीआचार्य डॉ वशिष्ठ त्रिपाठी के हाथों काशी में अस्सी घाट स्थित उनके निवास स्थान पर हुआ।इस मौके पर  प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष वेदांत के प्रख्यात विद्वान प्रोफेसर श्री रामकिशोर त्रिपाठी एवं काशी प्रान्त के कुटुम्ब प्रम्बोधन के प्रान्त संयोजक प्राचार्य डॉ शुकदेव त्रिपाठी भी मौजूद रहे।जो बलिया के गर्व  की बात है।

 

मूल रूप से बलिया के तीखमपुर की निवासी नेहा श्रीवास्तव बचपन से ही काफी मेधावी रही हैं इनकी प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा बलिया में हुई।उसके बाद आगे की पढ़ाई और आंखों में सिविल सर्विसेज का सपना सजाए वह प्रयागराज पहुंची। विज्ञान विषय की छात्रा होने के बावजूद नेहा की रूचि साहित्य में हमेशा से रही है साइंस में स्नातक नेहा बीएड और सीटीईटी पास कर चुकी है और उनका सपना सिविल सर्विसेज में जाने का है परंतु पढ़ाई के साथ-साथ नेहा की साहित्य में गहरी रूचि होने के कारण उन्होंने काव्य संग्रह की रचना की जिसमें कुल 50 कविताएं हैं और उसका नाम मुफलिस में जिंदगी है। किताब के प्रकाशित होने के बाद इस किताब का विमोचन पद्मभूषण आचार्य डॉक्टर वशिष्ठ त्रिपाठी के हाथों होने से नेहा अपने आपको गौरवान्वित महसूस करती हैं इस मौके पर उन्होंने कहा कि जीवन की पहली काव्य रचना को इतने प्रख्यात विद्वान और प्रखर पंडित के हाथों विमोचन होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। जिंदगी में सिविल सर्विसेज में सफल होने के साथ-साथ साहित्य के जगत में भी अच्छी पहचान बनाना नेहा के जीवन का उद्देश्य है उनकी सफलता पर उनके परिजनों में खुशी का माहौल है पुस्तक विमोचन के मौके पर शैलेश त्रिपाठी, मंगला प्रसाद, लीलावती श्रीवास्तव, दुर्गेश,रमन श्रीवास्तव, शांभवी श्रीवास्तव, गौतम श्रीवास्तव, रितु, अभिषेक, गोलू, मायरा प्रीत आदि लोग मौजूद रहे।