चंद्रपुर: एसीसी कंपनी में कामगार की मृत्यु , मुआवजे के लिए प्रदर्शन

July 21st, 2022

डिजिटल डेस्क,  चंद्रपुर।  नकोड़ा स्थित एसीसी चांदा सीमेंट कंपनी में बुधवार को सुबह 7.30 बजे के दौरान हरिदास मोहजे नामक एक कामगार की न्यू पैकिंग प्लांट ट्रक प्वाइंट में मृत्यु हो गई। कंपनी प्रबंधन ने मृतक के परिजनों की राह न देखते हुए कामगार को एम्बुलंेस से चंद्रपुर भेजा। शव विच्छेदन के बाद मृतदेह घुग्घुस में लाने के बाद मृतक के परिजन व कामगारों ने थाने के सामने मृतदेह रखकर मुआवजे के लिए प्रदर्शन शुरू किया। 

मृतक के परिवार को 50 लाख व परिवार के सदस्य को नौकरी देने की मांग की। थाने के सामने प्रदर्शन चलने के बाद थानेदार ने मध्यस्थता की। इसके बाद शव को एसीसी कंपनी के गेट के सामने रखकर प्रदर्शन शुरू किया गया। जब तक मांग मंजूर नहीं होती तब तक शव न उठाने की भूमिका परिजन, कामगार, कामगार नेता ने ली थी, जिससे तनावपूर्ण स्थिति बनी थी। मौके पर कंपनी के सैकड़ों कामगार एकजुट हुए थे। रात साढ़े 8 बजे खबर लिखे जाने तक हल नहीं निकला था, प्रदर्शन जारी था। बताया जाता है कि, कामगार चिंता में रहता था। ऐसे में उसे हार्ट अटैक आया और मृत्यु हुई।   मृत्यु के सटीक कारणों का पता पीएम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा, ऐसा पुलिस सूत्रों का कहना है। बता दंे कि, एसीसी कंपनी आए दिन किसी न किसी कारणों से विवादांे में रहती है। 

थाने में की शिकायत
इस घटना के बाद संबंधितों पर अपराध दर्ज करने की मांग को लेकर राकांपा के जिला महासचिव सुरेश पाईकराव ने घुग्घुस थाने में शिकायत दी है। शिकायत में बताया कि, 19 जुलाई को नागपुर लेबर कमिशनर में मीटिंग होने पर आंदोलन में शािमल जिन 4 कामगारों को निलंबित किया गया, उन्हें काम पर नहीं लिया जाएगा। यह बात कामगारों को पता चली। ऐसे में हरिदास मोहजे बार-बार

हमसे संपर्क कर बताते थे कि, हम कामगारों को 
ड्यूटी पर रोज धमकी दी जा रही है। अगर उन 4 कामगारों को किसी प्रकार की मदद अथवा गेट जाम किया तो तुम्हें भी काम से निकाला जाएगा। धमकी कौन देते हैं, यह पूछने पर मोहजे ने पुष्कर चौधरी, देवेंद्र गहलोत, प्रफुल पाटील, विवेक पचारे, सैयद इसताक, अनुप सिंह, बंटी अडर, सिनु बहादूर के नाम बताए थे  और अब मानसिक परेशानी सहन करने की क्षमता नहीं होने की बात भी कामगार बता रहे थे। इसलिए यह कामगार की मृत्यु नहीं बल्कि हत्या होने का आरोप लगाते हुए दोषियों पर  मामला दर्ज करने की मांग राकांपा ने की है। शिकायत की प्रतिलीपी जिलाधिकारी, एसपी, सहायक श्रम आयुक्त चंद्रपुर, उपमुख्य श्रम आयुक्त नागपुर को भेजी है।