चंद्रपुर: कर्ज न दिया तो सरकारी खाता बंद कर देंगे

July 25th, 2022

डिजिटल डेस्क, चंद्रपुर। जिले में बाढ़ की स्थिति से किसान बेहाल हैं। बोए गए बीजों के साथ खाद भी बह गया हैं। ऐसे में किसानों के सामने दोबार बुअाई की चुनौती है। ऐसी परिस्थिति में राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा फसल कर्ज वितरण की गति धीमी है। जब किसान संकट में होते हैं तो बैंकों की असंवेदनशीलता यह बहुत गंभीर मामला है। अगले सप्ताह तक फसल कर्ज वितरण की संख्या में वृद्धि नहीं होती है, तो बैंकों से सरकारी खातों को बंद करने का निर्णय लेना होगा, ऐसी कड़ी हिदायत जिलाधिकारी अजय गुल्हाने ने फसल कर्ज वितरण में उदासीनता बरतने वाले बैंकों को दी है।

हाल ही में जिलाधिकारी कार्यालय में खरीफ सीजन फसल कर्ज वितरण को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में वे बोल रहे थे। इस समय अतिरिक्त जिलाधिकारी विद्युत वरखेडकर, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक तृणाल फुलझेले, जिला अग्रणी बैक व्यवस्थापक प्रशांत धोंगले, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी भाऊ बराटे व बैकांे के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इस समय जिलाधिकारी ने कहा कि, बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बैंकों के पास फिर से फसल कर्ज बांटने का मौका हंै, ऐसे में फसल कर्ज वितरण की गति को तेज करने के लिए विशेष शिविर लगाया जाए। इस संबंध में नियोजनबध्द योजना तत्काल प्रस्तुत करें। बाढ़ प्रभावित गांवों के किसानों को तत्काल फसल कर्ज योजना के तहत 50 हजार रुपए तक का कर्ज बांटा जा सकता हैं। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अग्रणी बैंक व्यवस्थापकांे को गांवों की सूची उपलब्ध कराएं, ऐसे निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा कितने खाताधारकों को कितना फसल कर्ज वितरित किया गया है, यह कागजों पर दिखना आवश्यक है। नए खाताधारकों को भी फसल कर्ज दें, ऐसी सूचनाएं दी गई।