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कोरोना के खौफ से सभी को मॉस्क पहनने की जरुरत नहीं, हाथ मिलाने की बजाय करें राम-राम

कोरोना के खौफ से सभी को मॉस्क पहनने की जरुरत नहीं, हाथ मिलाने की बजाय करें राम-राम

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि कोरोना वायरस के खौफ के कारण सभी लोगों को मास्क पहनने की जरूरत नहीं है। मास्कके बदले स्वच्छ रुमाल का इस्तेमाल किया जा सकता है। टोपे ने सलाह दी कि अब हाथ मिलाने की बजायराम-राम कहें। भारत देश कि संस्कृति नमस्कार और राम-राम कहने की है। इसलिए लोग नमस्कार और राम-राम करें। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से डरने की जरूरत नहीं है।महाराष्ट्र में एक भी कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है। 

कोरोना से मृत्यु का प्रमाण 2.50 से 3 फीसदी 
स्वास्थ्य मंत्री टोपे ने कहा कि कोरोना वायरस से मृत्यु दर का प्रमाण 2.50 से 3 प्रतिशत है। बुधवार कोविधान परिषद में नियम 97 के तहत कोरोना वायरस पर अल्पकालीन चर्चा हुई। इसके जवाब में टोपे ने कहा कि कोरोना वायरस के पॉजिटिव लोगों को मास्क का इस्तेमाल करना होता है। इसके अलावा जो लोग कोरोना वायरस से बाधित हैं और उनके संपर्क में जो लोग हैं उन्हें मास्क लगाना चाहिए। एन-95 मास्क अस्पतालों में काम करने वाले लोगों के लिए हैं। ट्रिपल लेयर मास्क प्रभावित लोगों के लिए है। टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र में विमान से विदेश से आने वाले 401 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई थी। इसमें 152 संदिग्ध यात्रियों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। जिसमें 149 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव है। जबकि 3 लोगों की रिपोर्ट आना बाकी है।

फिलहाल राज्य में 6 संदिग्ध मरीज हैं। इसमें से मुंबई में 4 और पुणे में 2 लोग भर्ती हैं। वहीं बंदगाहों पर 30 जहाजों से आने वाले 676 यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा चुकी है। टोपे ने कहा कि अभी तक 12 देशों से आने वाले विमानों की जांच की जा रही थी लेकिन अब सभी विमान यात्रियों को अपने बारे में बताना जरूरी है। टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र में हवाई अड्डे और बंदरगाहों पर 100 प्रतिशत थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। वायरस प्रभावित देशों से आने वाले लोगों की सूची बनाई जाती है। कोरोना वायरस संदिग्ध लोगों पर 28 दिनों तक निगरानी रखी जाती है। इन लोगों काकोरोना वायरस से संबंधित दो टेस्ट किया जाता है।

मुंबई के कस्तूरबा व गोरेगांव के बालासाहब ठाकरे ट्रामा सेंटर अस्पताल में पृथक वार्ड तैयार किए गए हैं। इसके अलावा राज्य के सभी जिला अस्पतालों में 10 बेड का पृथक वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं। टोपे ने कहा कि दूसरे राज्यों के दो लोगों की रिपोर्ट स्थानीय प्रयोगशाला में पॉजिटिव आई है लेकिन दोनों लोगों की रिपोर्ट को पुणे की प्रयोगशाला ने अभी तक पॉजिटिव नहीं कहा है।टोपे ने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार निधि की कमी नहीं पड़ने देगी। जरूरत पड़ी तो आकस्मिकता निधि का इस्तेमाल किया जाएगा। टोपे ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों लोगों के खिलाफ साइबर क्राइम के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। इसके अलावा मॉस्क का भंडारण और मनमाने दर पर मास्क बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए सिनेमा हॉल में वीडियो दिखाया जाएगा। 

वहीं सभापति रामराजे निंबालकर ने कोरोना वायरस के संबंध में जागरूकता फैलाने के लिए सरकार को अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर विधायकों का विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन के लिए विधानमंडल में कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इससे पहले कोरोना वायरस पर राकांपा के सदस्य प्रकाश गजभिए समेत 14 सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लिया। इसमें उपसभापति नीलम गोर्हे ने भी अपने विचार रखे। सदन में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर ने कहा कि एन-95 मास्क को 300 रुपए में बेचने वालों के खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।

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