महाराष्ट्र: पुलिस छापेमारी-उत्पीड़न के खिलाफ स्पाओनर एसोसिएशन पहुंचा हाईकोर्ट, मॉरल पुलिसिंग के नाम पर आए दिन करते हैं परेशान 

July 23rd, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पुलिस की ओर से की जानेवाली छापेमारी, उत्पीड़न व वसूली कार्रवाई के खिलाफ स्पा ओनर एसोसिएशन ने बांबे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में दावा किया गया है कि मॉरल पुलिसिंग के नाम पर पुलिसवाले स्पा व मसाज पार्लर पर बिना कारण व बगैर क्षेत्राधिकार के अवैध तरीके से छापेमारी करते हैं। इसके साथ ही मसाज पार्लर व स्पा में काम करनेवाली महिला के खिलाफ आधारहीन मामले दर्ज कर लिए जाते हैं। 

याचिका में मांग की गई है कि स्पा व मसाज पार्लर पर पुलिस की छापेमारी की कार्रवाई को लेकर दिशा-निर्देश तैयार किए जाए। क्योंकि पुलिस महज आशंका व अंदाज के आधार पर स्पा व मसाज पार्लर की जांच के नाम छापेमारी करती हैं।

अधिवक्ता शाश्वत अनंत के माध्यम से दायर की गई याचिका में कहा गया है कि पुलिस आधारहीन शिकायतों के आधार पर स्पा व मसाज पार्लर के खिलाफ कार्रवाई करती हैं और वहां पर काम करनेवाली महिला के खिलाफ मानव तस्करी प्रतिबंधक कानून के तहत मामला दर्ज करती हैं। 

इसके साथ स्पा मालिकों से अवैध तरीके से वसूली भी की जाती है। यदि स्पा मालिक पैसे देने से माना करता है तो उसे फर्जी छापेमारी करने के नाम पर धमकाया जाता है। याचिका में कहा गया है कि मसाज थेरपिस्ट के तौर पर काम करनेवाली महिलाओं का चित्रण वेश्या के रुप में किया जाता है। इन महिलाओं को अकारण एक दाग का सामना करना पड़ता है।

याचिका के मुताबिक साल 2018 में स्पा क्षेत्र का कारोबार 11 हजार करोड़ रुपए आका गया था और साल 2025 तक इस क्षेत्र में और वृद्धि की अपेक्षा व्यक्त की गई थी। इस याचिका पर जल्द ही सुनवाई हो सकती है।