दैनिक भास्कर हिंदी: गेहूं उपार्जन केंद्रों पर किसानों को असुविधा ना हो, इसका ध्यान रखा जाए- श्री अग्रवाल नीमच जिले में गेहूं उपार्जन का कार्य 22 मार्च से होगा शुरू, गेहूं उपार्जन संबंधी में बैठक में कलेक्टर श्री अग्रवाल ने दिए निर्देश!

March 17th, 2021

डिजिटल डेस्क | नीमच जिले में गेहूं उपार्जन का कार्य आगामी 22 मार्च 2021 से प्रारंभ होगा। इसकी सभी तैयारियों पूर्ण कर ली जाएं। उपार्जन केंद्र पर साफ-सफाई, शेड तथा पेयजल की उचित व्यवस्था की जाए। किसानों की किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएं। उक्त निर्देश कलेक्टर श्री मयंक अग्रवाल ने मंगलवार को कलेक्‍टर कक्ष में आयोजित गेहूं उपार्जन संबंधी बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में अपर कलेक्‍टर श्री एसआर नायर, क्षेत्रिय प्रबंधक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक श्री आरपी नागदा, जिला आपूर्ति अधिकारी श्री आरसी जांगडे, उपसंचालक कृषि श्री एस.एस.चौहान, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी श्री जैन, जिला प्रबंधक विपणन संघ सुश्री गरीमा सेंगर सहित जिले की उपार्जन समिति के सदस्‍यगण उपस्थित थे।

गेहूं उपार्जन का समर्थन मूल्य 1975 रुपए प्रति क्विंटल :– बैठक में कलेक्टर श्री अग्रवाल ने बताया कि गेहूं उपार्जन का कार्य 22 मार्च से प्रारंभ होगा। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा इस बार गेहूं समर्थन मूल्य 1975 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। कलेक्‍टर ने कहा कि खरीदी केंद्रों की भण्‍डारण केंद्र से मैपिंग का कार्य किया जाए। खरीदी केंद्रों पर बारदानो की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था कर उपलब्‍धता सुनिश्चित करें। उपार्जन केंद्र पर किसानों से करे अच्छा व्यवहार:- बैठक में कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि फ्लेट कांटे से खरीदी प्रतिबंधित रहेगी। उन्होंने उपार्जन केंद्र के सभी कर्मचारियों, ऑपरेटर, हम्माल, तुलावटी, सर्वेयर किसानों से अच्छा व्यवहार करें।

उन्होंने कहा कि केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में छन्ना की व्यवस्था करके रखें तथा अच्छी क्वालिटी के बड़े पंखे रखे। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्र पर लगने वाली सामग्री जैसे- धागा, सुतली, मायश्चर मीटर, छन्ना, तिरपाल, टैग, परखी, हार्डवेयर आदि की व्यवस्था कर ली जाएं या फिर शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार क्रय कर ली जाए। बैठक में कलेक्टर श्री अग्रवाल ने बताया कि उपार्जन केंद्र पर सबसे महत्वपूर्ण कड़ी कम्प्यूटर ऑपरेटर होते हैं। उन्हीं से सारी जानकारी प्राप्त होती है तथा वे सभी कार्य को आगे बढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके लिए सभी कम्प्यूटर ऑपरेटर सजग होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि उपार्जन कार्य के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी हो इसके लिए अच्छे नेटवर्क वाला डोंगल रखे तथा हो सके तो एक अतिरिक्त सिम भी रखे।

ऑनलाइन बिल ही बनाए, ऑफलाइन नहीं :- बैठक में कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि उपार्जन के दौरान सिर्फ ऑनलाइन ही बिल जनरेट करे। किसी भी स्थिति में ऑफलाइन बिल जनरेट नहीं होना चाहिए। अगर सर्वर डाउन हो तो किसान और उपार्जन केंद्र के संबंधित प्रतिक्षा करे, सर्वर आने के बाद ही आगे का कार्य करें। कच्ची पर्ची पर भी बिल नहीं बनाए। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसका भी ध्यान रखे। उन्होंने कहा कि रजिस्टर भी बनाए। प्रतिदिन पंजी भी दर्ज करे। पूरा प्लान बनाकर कार्य करे:- बैठक में कलेक्टर श्री अग्रवाल ने निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्र पर खरीदी का कार्य पूरा प्लान बना कर करे। उन्होंने कहा कि यदि एक दिन में 50 किसानों का गेहूं खरीदी जाता है तो उसका पूरा कार्य उसी दिन पूरा कर ले। अगले दिन पर नहीं छोड़े।

उन्होंने कहा कि उनकी दैनिक सामग्री एकत्रित करके समस्त उपार्जन का कार्य करे। उन्होंने निर्देश दिए उपार्जन केंद्र पर सभी कम्प्यूटर ऑपरेटर एक जैसी कार्य प्रणाली से कार्य करे। गेहूं उपार्जन के साथ परिवहन का कार्य होता है महत्वपूर्ण:- बैठक में कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि उपार्जन केंद्र पर गेहूं खरीदी के साथ ही परिवहन का कार्य महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने खरीदे गए अनाज के परिवहन की पुख्‍ता व्‍यवस्‍था करने के निर्देश देते हुए कहा कि परिवहन के संबंध में सभी परिवहन ऑपरेटरों एवं वाहन चालकों की बैठक लेकर उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएं।

साथ ही सभी वाहनों चालकों एवं परिवहन ऑपरेटरों के नाम, नंबर भी शेयर करे, जिससे परिवहन के कार्य में सुविधा हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि यह लक्ष्य निर्धारित करे कि एक दिन में 1500 से 2000 क्विंटल गेहूं का परिवहन हो जाए। परिवहन का कार्य में किसी भी प्रकार का डिले ने हो इसका विशेष ध्यान रखें। किसान साफ करके ही गेहूं को उपार्जन केंद्र पर लाए:- बैठक में कलेक्टर ने कहा कि कृषकगण उपार्जन केंद्र गेहूं विक्रय करने के लिए लाए तो गेहूं को साफ करके ही लाए। उन्होंने कहा कि किसान अपनी उपज सुखाकर, छानकर, एफएक्यू मात्रा ही उपार्जन केंद्र पर लाए।

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