मणिकर्णिका घाट पर विरोध: वाराणसी में अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को लेकर किया प्रदर्शन, पुलिस ने भीड़ को बल प्रयोग से खदेड़ा

वाराणसी में अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को लेकर किया प्रदर्शन, पुलिस ने भीड़ को बल प्रयोग से खदेड़ा
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर विरोध प्रदर्शन को देखने को मिला है। यह घटना ऐसे समय पर हुई थी, जब पुलिस कमिश्नर कुंभ महादेव मंदिर के सुरक्षित होने के प्रमाण देने का काम कर रहे थे।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर विरोध प्रदर्शन को देखने को मिला है। यह घटना ऐसे समय पर हुई थी, जब पुलिस कमिश्नर कुंभ महादेव मंदिर के सुरक्षित होने के प्रमाण देने का काम कर रहे थे। इसी वक्त पास समाज के युवाओं ने अहिल्याबाई होल्कर की क्षतिग्रस्त मूर्ति के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी घाट की तरफ बढ़ ही रहे थे कि उन्हें रोकने के लिए पुलिस सामने आई, तभी दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हो गई। उन्हें पुलिस ने समझाने की कोशिश भी की, लेकिन नही मानने पर पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया और भीड़ को तितर-बितर कर दिया। इस दौरान पुलिस ने करीब डेढ़ दर्जन लोगों को हिसारत में भी लिया गया है। एसीपी अतुल अंजान ने बताया कि स्थिति कंट्रोल करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया है।

क्यों किया गया प्रदर्शन?

मणिकर्णिका घाट की जाने वाली गली में स्थपित रानी अहिल्याबाई की तस्वीर को लेकर सोमवार को नारेबाजी की गई। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण भी हो गया था। ऐसे में मामले को शांत करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया गया। घटनास्थल से भीड़ को जबरन हटाना पड़ा। इसे लेकर एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी ने कहा कि न्यनतम आवश्यक बल का प्रयोग विरोध प्रदर्शन करने वालो पर किया गया।

धार्मिक उन्माद फैलाने वाली पोस्ट

डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि सोशल मीडिया पर कुंभ महादेव मंदिर का एक वीडियो गलत तरीके से वायरल किया गया था, जबकि वह मंदिर पूरी तरह से सही बताया जा रहा है। इस मामले में शनिवार को नामजद लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें संजय सिंह, पप्पू यादव समेत आठ लोगों को तीन दिन के अंदर चौक थाने में पेश होने को कहा गया है। फिलहाल पुलिस उन सभी लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है कि जिन्होंने धार्मिक उन्माद फैलाने वाली पोस्ट किया जा रही है।

इस मामले के बीच सोमवार को अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को लेकर पाल समुदाय घाट की गलियों में एकत्रित हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मूर्ति को खंडित किया गया है, जिस वजह से मूर्ति को फिर से वहां स्थापित करने के लिए अनुमति मांगी गई। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण बन गई थी।

Created On :   19 Jan 2026 5:56 PM IST

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