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Tracing App: आरोग्य सेतु में आया नया फीचर, अब कंपनियां कर्मचारियों के स्वास्थ्य की रख सकेंगी जानकारी

Tracing App: आरोग्य सेतु में आया नया फीचर, अब कंपनियां कर्मचारियों के स्वास्थ्य की रख सकेंगी जानकारी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी से बचाव और जागरुकता के लिए भारत सरकार द्वारा अप्रैल माह में आरोग्य सेतु (Aarogya Setu) एप को लॉन्च किया था। अब इस एप में एक ऐसा नया फीचर शामिल किया गया है, जिसकी मदद से कंपनियों को अपने कर्मचारियों तथा अन्य प्रयोगकर्ताओं के स्वास्थ्य की जानकारी मिल सकेगी। यानी कि कंपनियां अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर नजर रख सकेंगी। मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए इसकी पुष्टि हुई है।

बयान में कहा गया है कि आरोग्य सेतु दुनिया में इस तरह की सबसे ज्यादा डाउनलोड की गई ऐप है। अब इसके प्रयोगकर्ताओं की संख्या 15 करोड़ को पार कर गई है। इस नए फीचर ओपन एपीआई सर्विस (Open API Service) से लोगों, कंपनियों तथा अर्थव्यवस्था को सामान्य स्थिति में लौटने में मदद मिलेगी। इसका मकसद कोविड-19 के भय और जोखिम को कम करना है।

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भारत में पंजीकरण जरूरी
इलेक्ट्रानिक्स व आईटी मंत्रालय ने आरोग्य सेतु में किए गए इस नए फीचर की जानकारी देते हुए कहा है कि, इस सर्विस की मदद से कोरोना संक्रमण के मानकों का पालन करते हुए कारोबार और अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने में मदद मिलेगी। मंत्रालय ने बताया कि नई सेवा का लाभ 50 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कोई भी ऐसी कंपनी या संगठन उठा सकता है, जिसका पंजीकरण भारत में कराया गया हो।

लेना होगी अनुतति
इस सर्विस का लाभ लेने वाले अपने कर्मचारियों और अन्य आरोग्य सेतु एप यूजर्स का ‘रियल टाइम’ स्वास्थ्य ब्यौरा देख पाएंगे। हालांकि इसके लिए उन्हें आरोग्य सेतु एप का उपयोग करने वाले व्यक्ति की अनुमति लेनी होगी। मंत्रालय ने कहा कि नई सर्विस का उपयोग करने के लिए openapi.aarogyasetu.gov.in को डाउनलोड करके इसका लाभ लिया जा सकता है।

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बनी रहेगी डाटा की गोपनीयता
नए फीचर ‘ओपन एपीआई सर्विस’ की खास बात यह कि इससे कर्मचारियों का डाटा देखने की प्रक्रिया में डाटा गोपनीयता भी भंग नहीं होगी। मंत्रालय के मुताबिक, अनुमति मिलने के बाद ‘ओपन एपीआई सर्विस’ का उपयोग करने वाली कंपनी उस यूजर का आरोग्य सेतु स्टेट्स और नाम ही देख पाएगी। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।