अजब गजब: दुनिया में है एक ऐसा खेत जहां पर अनाज की नहीं बल्कि सांपों की होती है खेती, जानें हर साल कितने सांप होते हैं पैदा

दुनिया में है एक ऐसा खेत जहां पर अनाज की नहीं बल्कि सांपों की होती है खेती, जानें हर साल कितने सांप होते हैं पैदा
दुनिया में कई तरह के गांव और खेत देखने को मिलते हैं। ऐसे ही चीन का एक गांव है जहां पर अनाज की खेती नहीं होती है बल्कि सांपों की खेती की जाती है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया में कई तरह के गांव और खेत हैं। आमतौर पर लोग अनाजों की खेती करते हैं या तो मुर्गी, बकरी और मछली को पालकर पैसा कमाते हैं। लेकिन दुनिया में एक ऐसा गांव भी है जहां पर सांप पाले जाते हैं। चीन के झेजियांग प्रांत में स्थित गांव में लोगों की पहचान सांप पालने से होती है। यहां पर बड़ी संख्या में जहरीले सांपों की खेती की जाती है।

हर साल तैयार होते हैं लाखों सांप

करीब एक हजार आबादी वाले इस गांव में हर साल लगभग 30 लाख सांपों का पालन किया जाता है। आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो यहां का हर व्यक्ति औसतन हजारों सांपों की देखभाल करता है। यही वजह है कि यह गांव दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बना चुका है।

कई खतरनाक प्रजातियों का होता है पालन

इस गांव में कोबरा, वाइपर, अजगर जैसे कई जहरीली और खतरनाक प्रजातियों के सांप पाले जाते हैं। इनमें एक बेहद विषैला सांप भी शामिल है, जिसे स्थानीय लोग काफी डरावना मानते हैं। लोगों के बीच यह माना जाता है कि इसके काटने के बाद इंसान ज्यादा देर तक जिंदा नहीं रह सकता है।

मांस, चमड़ा और दवाइयों में होता है इस्तेमाल

यहां सांपों को पालना सिर्फ शौक के लिए नहीं होता है। उनके मांस, चमड़े और शरीर के अन्य हिस्सों का उपयोग अलग-अलग कामों में किया जाता है। चीन में सांप के मांस को खास व्यंजन माना जाता है, जबकि पारंपरिक चिकित्सा में भी इसके कुछ अंगों का इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से यह कारोबार लोगों के लिए अच्छी कमाई का जरिया बन गया है।

एक किसान ने बदली गांव की पहचान

ऐसा बताया जाता है कि कई साल पहले यहां के एक किसान ने प्रयोग के तौर पर कुछ सांप पालने शुरू किए थे। धीरे-धीरे उन्हें सफलता मिली और दूसरे लोगों ने भी यह काम अपनाना शुरू कर दिया। समय के साथ पूरा गांव सांप पालन के लिए मशहूर हो गया और आज इसकी पहचान दुनिया के सबसे बड़े स्नेक फार्मिंग केंद्रों में की जाती है।

Created On :   5 Jun 2026 2:14 PM IST

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