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गजब बात है: भैंसा पहुंचा जिला परिषद! वाघुली गांव के प्रदर्शनकारियों का फूटा गुस्सा, सुनाई दी 'बीडीओ साहब' के नाम की गूंज

Beed News. मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान की अंकन प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच की मांग लिए एक भैंसा जिला परिषद पहुंचा। जहां रोजमर्रा के काम से बैठे अधिकारी-कर्मचारियों में उस वक्त हड़कंप मचा, जब उनके सामने अचानक भैंसा टहलता आ खड़ा हुआ, उस पर इलाके के बड़े अधिकारी का नाम लिखा था! शुक्रवार को यहां आहिल्यानगर जिले के वाघुली गांव के ग्रामीणों ने “भैंसा आंदोलन” छेड़कर पूरे प्रशासन के पसीने छुड़ा दिए।
मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान के तहत मिलने वाले पुरस्कारों में कथित हेरफेर से नाराज ग्रामीण गांधीगिरी के एक नए और बेहद अनूठे रूप के साथ मैदान में उतरे थे।
जब भैंसे पर लिखा 'बीडीओ साहब' का नाम!
प्रदर्शन का नजारा इतना फिल्मी था कि देखने वालों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने एक भैंसे की पीठ पर बकायदा संबंधित बीडीओ (खंड विकास अधिकारी) विठ्ठल नागरगोजे का नाम लिखा और उसे हांकते हुए जिला परिषद परिसर के भीतर भी ले आए।
देखते ही देखते शांत रहने वाला परिसर नारों से गूंज उठा
- “भ्रष्ट अधिकारी का क्या करना है? सिर नीचे पैर ऊपर करना है!”
- “काम हमारा, अंक किसके?”
- “जनसहभागिता को न्याय दो!”
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
वाघुली गांव के इन प्रदर्शनकारियों का गुस्सा बेवजह नहीं था। उनका दावा है कि उनका गांव कोई नौसिखिया नहीं है, बल्कि वह पहले भी ‘माझी वसुंधरा’ अभियान में अव्वल (प्रथम स्थान) रहकर अपनी काबिलियत साबित कर चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस बार भी उन्होंने मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान के सभी कड़े मानकों को पूरी शिद्दत से पूरा किया था।
विवाद की मुख्य वजहें
- पक्षपात का आरोप - ग्रामीणों का आरोप है कि मूल्यांकन समिति के अधिकारियों ने जानबूझकर निष्पक्षता की धज्जियां उड़ाईं।
- पारदर्शिता का अभाव - योग्य होने के बावजूद वाघुली गांव के अंक काट लिए गए और मनमाने तरीके से नंबर बांटे गए।
- मेहनत पर पानी- गांव वालों का कहना है कि उनकी दिन-रात की मेहनत को अधिकारियों ने एक झटके में 'जीरो' कर दिया।
हंगामे और कौतूहल के इस माहौल के बीच, ग्रामीणों ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को एक कड़ा ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने साफ शब्दों में अपनी मांगें सामने रखी
- मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान की अंकन प्रक्रिया की तुरंत उच्चस्तरीय जांच हो।
- मूल्यांकन के सभी मानदंड, दिए गए अंक और संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं।
- जांच पूरी होने तक इस प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
Created On :   5 Jun 2026 8:50 PM IST
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