अजब गजब: बचपन में खोया बेटा कनाडा में अपने पिता से मिला, जानें कैसे हुई पहचान?

बचपन में खोया बेटा कनाडा में अपने पिता से मिला, जानें कैसे हुई पहचान?
बचपन में बेटा खो गया था जो लगभग 24 साल के बाद अपने पिता से मिला है। 28 साल के शख्स ने अपने असली माता-पिता को खोजना शुरू किया था और आखिर में उनको ढूंढ ही निकाला।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कभी-कभी ऐसी घटनाएं घट जाती हैं, जिसको इंसान जीवन भर भी भूल नहीं पाता है और पूरा जीवन बदल जाता है। चीन में एक ऐसी ही घटना सामने आई है। घटना ने लोगों को पूरी तरह से हैरान करके रख दिया है। एक शख्स बचपन में अपने परिवार से बिछड़ गया था और दो दशकों से भी ज्यादा समय तक अपने पिता से नहीं मिल पाया था। लेकिन शख्स ने अपने पिता को ढूंढने की कोशिश की और जब वे मिले तो भावुक रियूनियन चर्चा का विषय बन गया था।

क्या है पूरा मामला?

साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, शख्स का नाम झांग युनपेंग है, जो कि अब 28 साल का हो गया है। झांग की मुलाकात करीब 24 सालों बाद अपने पिता झांग जिउचेंग से 2 मार्च को चीन के जिलिन प्रांत के हुआइनान काउंटी में आयोजित एक कार्यक्रम के समय हुई थी। कई सालों के बाद जब दोनों एक दूसरे के सामने आए थो दोनों पिता और बेटे ने एक दूसरे को गले लगा लिया और आंखों से आंसू निकल आए थे। मुलाकात के समय जिउचेंग ने कहा था कि दो दशकों से ज्यादा समय के बाद आखिरकार उन्हें अपने बेटे से मिलने का मौका मिल गया। विदेश में लंबे समय तक रहने की वजह से उनकी चीन की भाषा कुछ कमजोर पड़ गई थी लेकिन फिर झांग युनपेंग ने अपने पिता से कहा था कि वो उनसे बहुत ही प्यार करते हैं।

कब हुआ था लापता?

जानकारी के मुताबिक, झांग युनपेंग साल 2001 में लियाओनिंग प्रांत के शेनयांग रेलवे स्टेशन से लापता हुए थे। उस समय वो सिर्फ 4 साल के थे। उनके चाचा आइसक्रीम खरीदने के लिए उन्हें कुछ देर के लिए स्टेशन पर छोड़कर गए थे और तभी बच्चा गायब हो गया। बाद में जब वो मिला, तो उसे एक नगरपालिका कल्याण केंद्र में भेज दिया गया, जहां उसका नाम बदलकर शेन हुआइबाई रख दिया गया।

गोद लेने के बाद क्या हुआ?

साल 2005 में एक कनाडा के दंपति ने उसे गोद लिया और वो उनके साथ कनाडा चले गए। हालांकि दंपति का सिर्फ तीन महीने बाद तलाक हो गया और उनमें से किसी ने भी उनकी जिम्मेदारी लेने की इच्छा व्यक्त नहीं की। फिर स्थानीय अधिकारियों ने झांग को एक होमस्टे परिवार के साथ रहने के लिए भेज दिया। हालांकि उस परिवार में पहले से ही 9 बच्चे थे, इसलिए उन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। साथ ही उनकी अच्छे से सेवा भी नहीं हो पाई है। झांग युनपेंग बताते हैं कि माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्हें अपना भरण-पोषण करने के लिए काम भी करना पड़ा।

कैसे की असली माता-पिता की खोज?

पिछले साल सोशल मीडिया पर कई लोगों के मिलने की कहानियां देखने के बाद झांग ने भी अपने असली माता-पिता को खोजने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने ‘बेबी रिटर्निंग होम’ नाम के एक संगठन से संपर्क किया, जो लोगों को उनके असली परिवारों से मिलाने में मदद करता है। संगठन ने कनाडा में रहने वाले चीनी पीएचडी छात्र गाओ यांग से झांग की मदद के लिए स्वेच्छा से आगे आने का अनुरोध किया। गाओ यांग ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार झांग युनपेंग को देखा, तो वह बहुत दुबले-पतले और परेशान दिख रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डीएनए टेस्ट के लिए झांग युनपेंग ने अपने खून का नमूना दिया, जिसे चीन के नेशनल डीएनए डेटाबेस में भेजा गया और कुछ ही दिनों में टेस्ट ने उनके जैविक माता-पिता की पहचान की पुष्टि कर दी। अपने बेटे की तस्वीर देखने के बाद झांग जिउचेंग ने कहा कि उन्होंने उसे तुरंत पहचान लिया। उनके अनुसार, वो बिल्कुल उन्हीं की तरह दिखता था और उन्हें किसी और पुष्टि की जरूरत नहीं थी।

Created On :   10 March 2026 6:03 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story