यूपी-बिहार की ट्रेनों में भीड़ का टॉयलेट पर भी कब्जा, यात्रियों को नहीं मिल रही पैर रखने की जगह

यूपी-बिहार की ट्रेनों में भीड़ का टॉयलेट पर भी कब्जा, यात्रियों को नहीं मिल रही पैर रखने की जगह

Bhaskar Hindi
Update: 2018-05-22 08:00 GMT
यूपी-बिहार की ट्रेनों में भीड़ का टॉयलेट पर भी कब्जा, यात्रियों को नहीं मिल रही पैर रखने की जगह

डिजिटल डेस्क जबलपुर। यूपी-बिहार की ओर जाने वाली एक दर्जन ट्रेनों में इतनी अत्यधिक भीड़ है कि लोगों ने ट्रेनों के सभी शौचालयों में अपना बोरिया-बिस्तर रखकर कब्जा कर यात्रियों को लघु एवं दीर्घ  शंका से  वंचित कर दिया  है। ऐसी शिकायतें हर दिन आ रही हैं और उसके लिए कई बार तो जीआरपी और आरपीएफ को भी यात्रियों से भरे टॉयलेट खाली करा कर महिलाओं एवं बच्चों को सुविधा दिलानी पड़ रही है। ऐसा ही एक मामला एलटीटी-पटना के बीच चलने वाली राजेन्द्र नगर ट्रेन में देखने में आया, जिसके जनरल कोच के टॉयलेट में भीड़ ने कब्जा कर लिया था।

दोपहर ढाई बजे की बजाय शाम को आई राजेन्द्र नगर ट्रेन के जबलपुर पहुंचते ही जब यात्रियों ने हो हल्ला मचाया तो झगड़े की नौबत आ गई।  8 लोग जो ट्रेन के टॉयलेट में कब्जा करके बैठे थे, किसी भी हालत में टॉयलेट से कब्जा हटाने के लिए तैयार नहीं थे। प्लेटफार्म पर मौजूद जीआरपी के सिपाहियों को जब इस बात की जानकारी दी गई, तो उन्होंने टॉयलेट के कब्जाधारकों को ट्रेन से उतार देने की चेतावनी दी, तो वे बड़ी मुश्किल से टॉयलेट खाली करने को राजी हुए। 

ट्रेन में टॉयलेट पर कब्जे की घटनाएं इतनी आम हो गई हैं कि हर दिन जबलपुर और कटनी स्टेशनों पर रोज झगड़े हो रहे हैं। भीड़ इतनी ज्यादा है कि इस दौरान  यात्रियों के बीमार होने की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।  इस समय लंबी दूरी हो या कम दूरी की ट्रेनें, सभी में जबरदस्त भीड़ चल रही है। इसका जीता-जागता उदाहरण इटारसी-सतना पैसेंजर का है, जिसमें पैर रखने की जगह नहीं मिल पा रही है। 

ट्रेनों की वेटिंग 3 सौ पार
अधिकांश  ट्रेनों में तो वेटिंग 3 सौ के पार चल रही है, ट्रेनों में भीड़ की यह स्थिति है कि जनरल कोच में क्षमता से कई गुना यात्री सफर कर  रहे हैं, वहीं आरक्षित कोचों में 71 सीट की बजाय 250 से अधिक यात्री भेड़-बकरियों की तरह भरकर  यात्रा करने मजबूर हैं।  हालत इतनी ज्यादा खराब हो गई है कि कई गाडिय़ों  को रोककर रखने से यात्रा के दौरान यात्रियों के बीमार होने की संख्या भी बढ़ रही है। ट्रेन में तैनात टिकट चैकिंग स्टाफ हो या सुरक्षा कर्मी जीआरपी,आरपीएफ, वे शौचालय को मुक्त कराने के लिए तब तक प्रयास नहीं करते हैं, जबतक यात्री हंगामा न करें। इस मामले में   स्पष्ट निर्देश  है कि यात्री शौचालय के अंदर यात्रा नहीं कर सकते, किंतु इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण न केवल यात्री बल्कि महिलाओं और बच्चों को परेशान होकर हंगामा करना पड़ रहा है। 

इन ट्रेनों में शिकायतें 
> ज्ञानगंगा, >राजेन्द्र नगर, >गोदान,  >मुंबई - वाराणसी, >एलटीटी - छपरा, >हावड़ा मेल, >काशी एक्सप्रेस, >ताप्ती गंगा, > शक्तिपुंज

इनका कहना है 
यूपी और बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में भीड़ द्वारा टॉयलेट पर कब्जा करने की शिकायतें इन दिनों बढ़ीं हैं। जब भी इस तरह की शिकायतें मिलती हैं, जीआरपी का बल टॉयलेट से यात्रियों का कब्जा हटाकर यात्रियों को राहत दिलाने की कोशिश करता है। 
एमएल बर्मन टीआई जीआरपी 

 

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