यादें: धोनी के करीबी दोस्त अरुण पांडे ने कहा- सुशांत कहता था कि फिल्म में अच्छा काम नहीं कर पाया, तो माही के फैंस मुझे कभी माफ नहीं करेंगे

यादें: धोनी के करीबी दोस्त अरुण पांडे ने कहा- सुशांत कहता था कि फिल्म में अच्छा काम नहीं कर पाया, तो माही के फैंस मुझे कभी माफ नहीं करेंगे

Bhaskar Hindi
Update: 2020-06-15 06:05 GMT
यादें: धोनी के करीबी दोस्त अरुण पांडे ने कहा- सुशांत कहता था कि फिल्म में अच्छा काम नहीं कर पाया, तो माही के फैंस मुझे कभी माफ नहीं करेंगे

डिजिटल डेस्क। फिल्म "एमएस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी" के को-प्रोड्यूसर और महेंद्र सिंह धोनी के करीबी दोस्त अरुण पांडे ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन पर शोक वयक्त किया है। अरुण पांडे ने साथ ही यह भी कहा कि, सुशांत सिंह राजपूत फिल्म एमएस धोनी के लिए काफी सीरियस रहा करते थे। उन्होंने बताया कि सुशांत कहता था फिल्म में यदि अच्छा काम नहीं कर पाया, तो धोनी के फैंस उसे कभी माफ नहीं करेंगे। 34 साल के सुशांत ने रविवार सुबह बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।

अरुण ने कहा, सुशांत धोनी के जीवन को बड़ी स्क्रीन पर बखूबी पर बखूबी उतार पाएगा या नहीं, इसको लेकर वह हमेशा चिंतित रहता था। फिल्म रिलीज (2016) से पहले भी वह टेंशन में ही था। पांडे अभी तक सुशांत की मौत पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि, वह मुझसे कहता था कि, उम्मीद करता हूं कि मैं अच्छा करूंगा, वरना माही के लाखों फैंस मुझे कभी माफ नहीं करेंगे। लेकिन वह इतना मेहनती था कि मुझे उस पर विश्वास था कि वह अच्छा काम करेगा और उसने किया भी।

मांसपेशियों में खिंचाव के बाद भी प्रैक्टिस करता रहता था सुशांत
अरुण ने कहा, हेलिकॉप्टर शॉट की सुशांत ने काफी प्रैक्टिस की थी। एक दिन प्रैक्टिस के दौरान उसकी मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था। हमें लगा था कि वह आराम करेगा, लेकिन खिंचाव के बावजूद भी उसने लगातार प्रैक्टिस की थी। सुशांत नहीं चाहता था कि उसके कारण फिल्म में थोड़ी भी देरी हो।

धोनी के किरदार को निभाने के लिए खुद को भाग्यशाली मानता था सुशांत
पांडे ने बताया कि, छोटी-छोटी चीजों में अंतर न आए, इसलिए वह माही से काफी सवाल पूछ करता था। दोनों बिहार से ही हैं, इसलिए दोनों के बीच तालमेल बनाने में मदद मिली। उन्होंने बताय कि, मैं, माही और सुशांत दिल्ली में धोनी के एयर इंडिया वाले मकान में गए थे। माही घर में जहां बैठते थे और खाना खाते थे, किरदार में ढलने के लिए सुशांत भी उनकी तरह वैसा ही करता था। घर में एक जगह ऐसी थी, जहां धोनी जमीन पर लेट जाते थे, तो सुशांत भी वैसा ही करता था।

धोनी के किरदार को निभाने के लिए वे खुद को भाग्यशाली मानता था। उन्होंने कहा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि वह ऐसा कुछ करेगा, वह इतना जिंदादिल था।लॉकडाउन से पहले हमने साथ में ही जिम सेशन में हिस्सा लिया था और हम नियमित रूप से संपर्क में थे। उसके जाने की खबर पर मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा है।

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