WTC Final: अहम मौके पर भारतीय टीम का खराब प्रदर्शन

WTC Final: अहम मौके पर भारतीय टीम का खराब प्रदर्शन

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Update: 2021-06-24 07:08 GMT
WTC Final: अहम मौके पर भारतीय टीम का खराब प्रदर्शन
हाईलाइट
  • अनुभवी कोहली
  • रोहित
  • पुजारा और रहाणे बल्ले से कमाल दिखाने में असफल रहें
  • आखरी बार 2013 में आईसीसी चैपियंस ट्रॉफी में जीती थी
  • भारत को न्यूजीलैंड के हाथों 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।  भारतीय कप्तान विराट कोहली ने बेशक न्यूजीलैंड को विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) फाइनल में  जीत का हकदार बताया हो लेकिन उनके सामने यह प्रश्न जरुर खड़ा होगा कि क्यों उनकी कप्तानी में भारतीय टीम बडे़ स्टेज पर अब तक विफल रही हैं? भारत ने आखरी बार कोई भी आईसीसी टूर्नामेंट 2013 में आईसीसी चैपियंस ट्रॉफी धोनी की नेतृत्व में जीती थी। उसके बाद से भारतीय टीम आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल और सेमीफाइनल तक तो पहुंचने में सफल रही पर एक भी बार कोई भी बड़ी ट्राफी अपने नाम नहीं कर सकी। 

आपको बता दें कि पहले WTC Final में बुधवार को भारत को न्यूजीलैंड के हाथों 8 विकेट से  हार का सामना करना पड़ा। भारत ने न्यूजीलैंड के सामने मात्र 139 रनों का मामूली लक्ष्य रखा था। भारत दूसरी पारी में 170 रन ही बना सका, न्यूजीलैंड ने पहली पारी में भारत के 217 रन के स्कोर के जवाब में 249 रन बनाकर 32 रन की बढ़त हासिल की थी ।

"दी अल्टीमेट टेस्ट" की ही बात करें तो भारतीय टीम के प्रदर्शन में अभ्यास की कमी साफ तौर पर नजर आई। अनुभवी कोहली, रोहित, पुजारा और रहाणे बल्ले से कमाल दिखाने में असफल रहें तो वही बुमराह भी गेंद के साथ बेअसर नजर आए। बुमराह पूरे मैच में ही गेंद से संघर्ष करते हुए दिखे और दोंनो पारियो में एक विकेट भी नही निकाल पाए।ऑलरॉउडर रविद्र जडेजा भी गेंद और बल्ले दोंनो से ही जादू नहीं बिखेर पाए।

जडेजा ने पहली पारी में 15 और दूसरी पारी में 16 रन बनाए। उन्होंने मैच में कुल एक विकेट लिया। हालांकि मोहम्मद शमी और भारत के लिए 100 से ज्यादा टेस्ट मैच खेल चुके अनुभवी गेंदबाज इशांत शर्मा ने पहली पारी में क्रमश: 4 और 3 विकेट अपने नाम कर अच्छा प्रदर्शन किया पर दूसरी पारी में दोंनो ही गेंदबाज एक भी विकेट नहीं चटका पाए। रविचन्द्रन अश्विन का प्रदर्शन ठीक रहा अश्विन ने पहली और दूसरी पारी में 2-2 विकेट चटकाकर मैच में कुल 4 विकेट अपने नाम किए। 

बल्लेबाजी पर सवालिया निशान
फाइनल जैसे अहम मुकाबले में किसी भी टीम को उम्मीद होती है कि उसके अनुभवी बल्लेबाज रन बनाएंगे। टीम इंडिया के पास चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे जैसे अनुभवी बल्लेबाज मौजूद है। लेकिन ये पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुए। पुजारा का बल्ला मैच की दोनों पारियों में खामोश रहा । उन्होनें पहली पारी में 8 और दूसरी पारी में 15 रन बनाए।

कप्तान विराट कोहली पहली पारी में जरूर टच में नजर आए, उन्होंने 44 रन की पारी खेली । लेकिन दूसरी पारी में उनका बल्ला नहीं चला। उन्हे 13 रन के निजी स्कोर पर काइल जेमिसन ने अपना शिकार बनाया। वहीं, रहाणे पहली पारी में 49 और दूसरी पारी में 15 रन ही बना सके। ये तीनों बल्लेबाज इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में भी फ्लॉप रहे थे।

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