दिल्ली: ईरान के विदेश मंत्री बोले- अमेरिका को बातचीत के लिए मना सकता है भारत

दिल्ली: ईरान के विदेश मंत्री बोले- अमेरिका को बातचीत के लिए मना सकता है भारत

Bhaskar Hindi
Update: 2020-01-17 15:29 GMT
दिल्ली: ईरान के विदेश मंत्री बोले- अमेरिका को बातचीत के लिए मना सकता है भारत
हाईलाइट
  • US - ईरान की स्थिति में भारत अहम रोल निभा सकता है : जवाद जरीफ
  • अमेरिका को किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं : जवाद जरीफ

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद अब भी अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है। दोनों देश एक-दूसरे के विरोध में लगातार बयानबाजी कर रहे हैं। इसी बीच चार दिवसीय दौरे पर भारत आए ईरानी विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने शुक्रवार को बताया कि "हम अमेरिका से चर्चा करने का विचार नहीं कर रहे हैं, लेकिन भारत दोनों देशों के बीच बनी स्थिति में एक अहम रोल निभा सकता है।"

 

 

भारत, ईरान का प्रिय देश
ईरानी विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने कहा कि "भारत, ईरान का एक बेहद प्रिय मित्र है और उसके अमेरिका के साथ भी अच्छे संबंध हैं। भारत, अमेरिका को समझौते पर चर्चा करने के लिए टेबल पर वापस ला सकता है। यदि भारत द्वारा ऐसा प्रस्ताव रखा जाता है, तो हम इसे अस्वीकार नहीं करेंगे।" इसके अलावा जवाद का यह भी मानना है कि इस प्रस्ताव से अमेरिका भी इनकार नहीं करेंगा।

अमेरिका को प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं
जवाद जरीफ ने ईरान पर अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों पर कहा कि "अमेरिका को किसी दूसरे देश पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं है, क्योंकि खुद अमेरिका ने हिरोशिमा में परमाणु बम का प्रयोग किया था।" दरअसल अमेरिका के ड्रोन अटैक में सुलेमानी के मारे जाने के बाद ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया था। इस हमले में कई अमेरिकी जवान घायल हुए थे, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान पर कुछ प्रतिबंध लगा दिए थे।

राजदूत की शांति की अपील
इससे पहले ईरान के राजदूत डॉ. अली चेगेनी ने भी कहा था कि "यदि भारत इस तनाव पर शांति की पहल करता है, तो ईरान इस कदम का स्वागत करेगा।" उन्होंने कहा था कि "अमूमन भारत विश्व में शांति रखने में बेहद अच्छी भूमिका निभाता है। भारत के कई देशों के साथ संबंध हैं और ईरान सभी देशों, विशेषकर भारत के एक महान मित्र के तौर पर किसी भी पहल का स्वागत करेंगे, ताकि तनाव कम हो सके।" हालांकि अमेरिकी एयरबेस पर ईरानी हमले के बाद दोनों देशों ने एक - दूसरे के खिलाफ कोई बड़ा एक्शन नहीं लिया है।

Tags:    

Similar News