एंटीलिया केस की जांच करेगी केंद्रीय एजेंसी NIA, उद्धव बोले- हम पर्दाफाश करेंगे, लेकिन केस में NIA की एंट्री से समझिए कुछ गड़बड़ है

एंटीलिया केस की जांच करेगी केंद्रीय एजेंसी NIA, उद्धव बोले- हम पर्दाफाश करेंगे, लेकिन केस में NIA की एंट्री से समझिए कुछ गड़बड़ है

Bhaskar Hindi
Update: 2021-03-08 17:02 GMT
एंटीलिया केस की जांच करेगी केंद्रीय एजेंसी NIA, उद्धव बोले- हम पर्दाफाश करेंगे, लेकिन केस में NIA की एंट्री से समझिए कुछ गड़बड़ है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर एंटीलिया के बाहर एक स्कॉर्पियो कार खड़ी मिली थी, जिसमें भारी मात्रा में जिलेटिन की छड़ें बरामद हुई थीं। अब सोमवार से इस मामले की जांच की जिम्मेदारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA ने संभाल ली है। एजेंसी को इसके लिए गृह मंत्रालय से आदेश दिए गए थे। वहीं स्कॉर्पियो मालिक मनसुख हीरेन की मौत के मामले में रविवार को महाराष्ट्र ATS ने एक FIR दर्ज की है। ​​​​

एनआईए ने कहा कि मुंबई पुलिस द्वारा संभाले जा रहे मामले की जांच के लिए गृह मंत्रालय से आदेश मिले हैं। यह मामला मुंबई के कारमाइकल रोड पर खड़ी महिंद्रा स्कॉर्पियो से विस्फोटकों की बरामदगी से संबंधित है। आतंकवाद निरोधक एजेंसी ने कहा कि वह मामला फिर से दर्ज करने की प्रक्रिया में है।

क्या है पूरा मामला

  • 25 फरवरी को दक्षिण मुंबई के पेडर रोड स्थित एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी एक स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी मिली थी। 
  • 24 फरवरी की मध्य रात 1 बजे यह गाड़ी एंटीलिया के बाहर खड़ी की गई थी।
  • दूसरे दिन गुरुवार को इस पर पुलिस की नजरें गईं और कार से 21 जिलेटिन की छड़ें बरामद की गई थीं। 
  • पुलिस ने तब कहा कि विस्फोटक का कुल वजन 2.60 किलोग्राम था।
  • वाहन में फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। वाहन की नंबर प्लेट पर अंकित पंजीकरण संख्या अंबानी की सुरक्षा विवरण में एक एसयूवी के समान थी।
  • 5 मार्च को इस स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन का शव बरामद हुआ था। 
  • कुछ दिन पहले ही मनसुख ने इस गाड़ी के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

केंद्र सरकार मामले को NIA को सौंपती है, तो कुछ गड़बड़ है
जांच में NIA की एंट्री पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि ATS मनसुख हीरेन की मौत के मामले की जांच कर रही है। सिस्टम सिर्फ एक आदमी के लिए नहीं है। पिछली सरकार में भी यही सिस्टम था। इसके बावजूद अगर केंद्र सरकार मामले को NIA को सौंपती है, तो इसका मतलब होगा कि कुछ गड़बड़ है। जब तक हम इसे उजागर नहीं करते, हम हार नहीं मानेंगे।

देवेंद्र फडणवीस ने NIA से जांच करवाने की मांग उठाई थी
मनसुख के चेहरे पर 5 रूमाल बंधे थे। इसके बाद से उनकी हत्या किए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मामले की जांच NIA से करवाने की मांग उठाई थी। हालांकि, ATS ने साफ किया है कि मनसुख की मौत के मामले की जांच उसके पास रहेगी। विस्फोटकों की बरामदगी से जुड़ा मामला NIA देखेगी।

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