बैन हटते ही बोलीं मायावती- बीजेपी पर EC की मेहरबानी जारी रही तो निष्पक्ष चुनाव असंभव

बैन हटते ही बोलीं मायावती- बीजेपी पर EC की मेहरबानी जारी रही तो निष्पक्ष चुनाव असंभव

Bhaskar Hindi
Update: 2019-04-18 06:17 GMT
बैन हटते ही बोलीं मायावती- बीजेपी पर EC की मेहरबानी जारी रही तो निष्पक्ष चुनाव असंभव
हाईलाइट
  • ट्वीट कर कहा- सीएम योगी मंदिर-मंदिर घूम रहे
  • उन पर EC मेहरबान क्यों?
  • बीजेपी पर ऐसी ही मेहरबानी जारी रही तो निष्पक्ष चुनाव असंभव: मायावती।
  • बैन के बाद मायावती ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा। 

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। चुनाव प्रचार पर बैन के हटते ही बीएसपी सुप्रीमों मायावती ने चुनाव आयोग पर हमला बोला है। मायावती ने ट्वीट कर चुनाव आयोग और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए सवाल भी किए हैं। मायावती ने आयोग से सवाल पूछा है कि सीएम योगी प्रतिबंध के बाद भी मंदिरों में जाकर चुनावी लाभ ले रहे हैं। आयोग उन पर इतना क्यों मेहरबान है। उन्होंने ये भी साफतौर पर कह दिया है कि, अगर आयोग ऐसे ही बीजेपी पर मेहरबान रहा तो निष्पक्ष चुनाव होना असंभव है।

ट्वीट कर आयोग पर किया वार
चुनाव प्रचार के दौरान विवादित बोल पर चुनाव आयोग के दो दिनों का बैन हटते ही मायावती ने ट्वीट करके पूछा है कि, चुनाव आयोग की पाबंदी का खुला उल्लंघन करके यूपी के सीएम योगी शहर-शहर व मन्दिरों में जाकर एवं दलित के घर बाहर का खाना खाने आदि का ड्रामा करके तथा उसको मीडिया में प्रचारित/ प्रसारित करवा के चुनावी लाभ लेने का गलत प्रयास लगातार कर रहे हैं किन्तु आयोग उनके प्रति मेहरबान है, क्यों?"

मायावती ने ट्वीट में कहा, अगर ऐसा ही भेदभाव व बीजेपी नेताओं के प्रति चुनाव आयोग की अनदेखी व गलत मेहरबानी जारी रहेगी तो फिर इस चुनाव का स्वतंत्र व निष्पक्ष होना असंभव है। इन मामलों में जनता की बेचैनी का समाधान कैसे होगा? बीजेपी नेतृत्व आज भी वैसी ही मनमानी करने पर तुला है जैसा वह अब तक करता आया है, क्यों?"

वहीं पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा, आज दूसरे चरण का मतदान है और बीजेपी व पीएम मोदी उसी प्रकार से नरवस व घबराए लगते हैं जैसे पिछले लोकसभा चुनाव में हार के डर से कांग्रेस व्यथित व व्याकुल थी। इसकी असली वजह सर्वसमाज के गरीबों, मजदूरों, किसानों के साथ-साथ इनकी दलित, पिछड़ा व मुस्लिम विरोधी संकीर्ण सोच व कर्म है।

गौरतलब है कि यूपी के देवबंद में एक रैली में दिए गए भाषण पर एक्शन लेते हुए चुनाव आयोग ने मायावती के प्रचार करने पर 48 घंटे की रोक लगाई थी। ये बैन मंगलवार सुबह 6 बजे शुरू हुआ और 18 अप्रैल सुबह 6 बजे तक चला। इन 48 घंटों में मायावती कोई चुनावी सभा, रोड शो या राजनीतिक ट्वीट नहीं कर सकती थीं, लेकिन बैन के हटते ही उन्होंने आयोग पर हमला बोला है।
 

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