राहुल की कश्मीर यात्रा पर मायावती ने कहा- केंद्र को राजनीति करने का मौका दिया

राहुल की कश्मीर यात्रा पर मायावती ने कहा- केंद्र को राजनीति करने का मौका दिया

Bhaskar Hindi
Update: 2019-08-26 10:45 GMT
राहुल की कश्मीर यात्रा पर मायावती ने कहा- केंद्र को राजनीति करने का मौका दिया
हाईलाइट
  • मायावती ने कहा
  • भीमराव अंबेडकर जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 का प्रावधान करने के पक्ष में नहीं थे
  • इसी वजह से बीएसपी ने संसद में समर्थन किया

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आर्टिकल 370 को लेकर मोदी सरकार का समर्थन करते हुए कहा कि, बाबा साहेब अंबेडकर भी इसके पक्षधर नहीं थे, वहीं राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों के नेताओं की कश्मीर यात्रा को लेकर हमला बोलते हुए कहा, उन्हें इंतजार कर लेना चाहिए। थोड़ा विचार करके घाटी की यात्रा करते तो उचित होता। मायावती का कहना है कांग्रेस नेताओं ने बिना अनुमति कश्मीर जाकर केंद्र और राज्यपाल का राजनीति करने का मौका दे दिया।

सोमवार को मायावती ने आर्टिकल 370 और घाटी के हालात को लेकर कई ट्वीट किए। मायावती ने ट्वीट कर कहा, डॉ. भीमराव अंबेडकर हमेशा ही देश की समानता, एकता व अखण्डता के पक्षधर रहे हैं इसलिए वे जम्मू-कश्मीर राज्य में अलग से आर्टिकल 370 का प्रावधान करने के भी पक्ष में नहीं थे। इसी वजह से बीएसपी ने संसद में इस अनुच्छेद को हटाये जाने का समर्थन किया।

उन्होंने कहा, कांग्रेस व अन्य पार्टियों के नेताओं ने बिना अनुमति के जम्मू एवं कश्मीर जाकर केंद्र सरकार और प्रदेश के राज्यपाल को राजनीति करने का मौका दे दिया है। राज्य के हालात अभी ठीक नहीं हैं, ऐसे में हाल ही में बिना अनुमति के कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियों के नेताओं का कश्मीर दौरा करना, राज्यपाल और केंद्र को राजनीति करने का मौका देने जैसा है। वहां की यात्रा पर जाने से पहले थोड़ा विचार विमर्श कर लिया जाता तो उचित होता।

उन्होंने कहा कि शीर्ष न्यायालय का भी यही मानना है कि ऐसी परिस्थित में थोड़ा इंतजार किया जाए तो बेहतर होगा। मायावती ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि देश में संविधान लागू होने के लगभग 69 वर्षों के उपरान्त 370 को रद्द किया गया है।

गौरतलब है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को श्रीनगर पहुंचा था, लेकिन हवाईअड्डे पर हुए भारी हंगामे के बाद सभी को वापस दिल्ली भेज दिया गया। विपक्ष के नेता अनुच्छेद-370 हटने के बाद कश्मीर के जमीनी हालात जानने के लिए वहां पहुंचे थे।

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