PM मोदी की आज त्रिपुरा में दो रैलियां, अरुणाचल का भी दौरा

PM मोदी की आज त्रिपुरा में दो रैलियां, अरुणाचल का भी दौरा

Bhaskar Hindi
Update: 2018-02-15 05:22 GMT
PM मोदी की आज त्रिपुरा में दो रैलियां, अरुणाचल का भी दौरा


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को त्रिपुरा दौरे पर हैं, जहां उनकी दो रैलियां होनी है। इससे पहले पीएम मोदी अरुणाचल प्रदेश जाएंगे, जहां वो कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और उसके बाद त्रिपुरा के लिए रवाना होंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद ये दूसरी बार है, जब मोदी त्रिपुरा में रैली कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने 8 फरवरी को त्रिपुरा के सोनामुरा और कैलाशहार में रैलियां की थी।

 

 

 

 


त्रिपुरा में कहां होनी है पीएम की रैलियां? 

अरुणाचल प्रदेश के बाद पीएम मोदी सीधे त्रिपुरा के लिए रवाना होंगे। पीएम की पहली रैली दोपहर 2 बजे शांतिर बाजार में रहेगी। इसके बाद पीएम राजधानी अगरतला के अस्तबल मैदान में दूसरी रैली करेंगे। पीएम की दूसरी रैली 4 बजे शुरू होगी

 



अरुणाचल में क्या है पीएम का प्रोग्राम? 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश भी जाएंगे। यहां पीएम दोर्जी खांडू स्टेट कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही पीएम स्टेट सिविल सेक्रेटरिएट की बिल्डिंग का भी उद्घाटन करेंगे और टोमो रिबा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंस के एकेडमिक ब्लॉक की आधारशिला भी रखेंगे

 



पिछले दौरे में क्या कहा था पीएम ने? 

बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी 8 फरवरी को त्रिपुरा में दो रैलियां की थी। त्रिपुरा के सोनामुरा में बोलते हुए पीएम ने माणिक सरकार पर जमकर हमला बोला था। पीएम ने कहा था कि "माणिक सरकार ने जनता के साथ धोखा किया है। लोगों को सफेद कुर्ता दिखाया, अंदर का काला मैल नहीं।" पीएम ने कहा कि "जादूगर सरकार के मायाजाल ने लोगों को बर्बाद किया है, लेकिन अब त्रिपुरा में विकास का युग आने वाला है।" उन्होंने कहा कि "त्रिपुरा ने गलत माणिक पहन लिया है, जब तक आप ये गलत माणिक नहीं उतारोगे, तब तक त्रिपुरा का भाग्य नहीं बदलेगा।" पीएम मोदी ने ये भी कहा था कि "माणिक सरकार पिछले 25 सालों से सत्ता में है, लेकिन लोगों के लिए कुछ नहीं किया है। माणिक सरकार ने अभी तक 7वां वेतनमान लागू क्यों नहीं किया? लोगों को उनके हक का पैसा नहीं मिला। ये किसी अपराध से कम नहीं है और उन्हें इस अपराध की सजा मिलनी चाहिए।"

त्रिपुरा में 1998 से माणिक सरकार 

त्रिपुरा में 60 विधानसभा सीटें हैं और यहां का कार्यकाल 13 मार्च को खत्म हो रहा है। त्रिपुरा में कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार है और माणिक सरकार 1998 से यहां के मुख्यमंत्री हैं। पिछले चुनावों में CPI(M) ने 60 में से 51 सीटें जीती थी और कांग्रेस सिर्फ 9 सीटों पर ही कब्जा कर पाई थी। जबकि बीजेपी का खाता भी नहीं खुला था।

1978 में लेफ्ट की सबसे बड़ी जीत

1978 में लेफ्ट पार्टी ने सबसे बेहतरीन जीत हासिल की थी और राज्य की 60 में से 56 सीटों पर जीत हासिल की थी। 1978 के जैसा करिश्मा लेफ्ट पार्टी दोबारा कभी नहीं कर सकी। हालांकि इसके बाद 1988-93 के दौरान लेफ्ट सत्ता से दूर रही। इसके बाद 1993 से लेफ्ट की ही राज्य में सरकार है। माणिक सरकार ने 2013 के विधानसभा चुनावों में 2008 के मुकाबले एक सीट ज्यादा जीतते हुए 50 का आंकड़ा छुआ था।

त्रिपुरा में कब है वोटिंग? 

त्रिपुरा की 60 विधानसभा सीटों के लिए 18 फरवरी को वोटिंग होनी है, जबकि इसके नतीजे 3 मार्च को घोषित किए जाएंगे।

इस साल 8 राज्यों में होने हैं चुनाव 

बीते साल 7 राज्यों में चुनाव हुए और 6 राज्यों में बीजेपी की सरकार बनी। अब साल 2018 में 8 राज्यों में चुनाव होने हैं। इनमें मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में नवंबर-दिसंबर में चुनाव है और इन तीनों राज्यों में बीजेपी की सरकार है। जबकि त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में फरवरी में चुनाव हैं और 3 मार्च क नतीजे घोषित हो जाएंगे। इसके साथ ही इसी साल कर्नाटक में भी चुनाव होने हैं, जहां कांग्रेस की सरकार है। मिजोरम में भी इस साल चुनाव होने हैं। 

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