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Solar Eclipse 2020: जानिए ज्योतिष के अनुसार सूर्य ग्रहण का महत्त्व, और किन राशियों पर होगा इसका प्रभाव

June 20th, 2020 23:17 IST
Solar Eclipse 2020: जानिए ज्योतिष के अनुसार सूर्य ग्रहण का महत्त्व, और किन राशियों पर होगा इसका प्रभाव

डिजिटल डेस्क, भोपाल। रविवार आषाढ़ कृष्ण अमावस्या के दिन भारत में दिखाई देगा। भारत में सूर्यग्रहण का प्रारंभ सुबह 10 बजकर 13 मिनट 52 सेकंड दिन से दोपहर 1 बजकर 29 मिनट 52 सेकंड तक रहेगा। सूर्य ग्रहण को एक प्रमुख खगोलीय घटना के रुप में जाना जाता है l ज्योतिष शास्त्र में तो सूर्य ग्रहण का बहुत ही विशेष महत्व माना है l सूर्य का मेष राशि में गोचर 13 अप्रैल को हुआ है l जिसे मेष संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है l सूर्य मेष राशि उच्च राशि होती है l

21 जून को लगने वाले सूर्य ग्रहण के दौरान सूतक काल मान्य होगा l जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य की किरणें पृथ्वी तक नहीं पहुंचती है तो इस स्थिति को सूर्य ग्रहण कहा जाता है l भारत के अलावा यह खंडग्रास सूर्यग्रहण विदेश के कुछ क्षेत्रों में दिखाई देगा। यह ग्रहण भारत के अतिरिक्त दक्षिण-पूर्व यूरोप, हिन्द महासागर, प्रशांत महासागर, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका एवं दक्षिण अमेरिका के प्रमुख हिस्सों में भी देखा जा सकता है l

खंडग्रास सूर्यग्रहण से मिथुन राशि होगी प्रभावित: -
इस ग्रहण का सबसे ज्यादा असर मिथुन राशि पर पड़ेगा l क्योंकि पंचांग के अनुसार 21 जून आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है l इस दिन मिथुन राशि और मृगशिरा नक्षत्र में यह ग्रहण लगेगा l मिथुन राशि पर सूर्य ग्रहण का सबसे अधिक बुरा प्रभाव पड़ेगा l

देश और दुनियां पर इस सूर्य ग्रहण का बहुत बुरा प्रभाव देखने को मिलेगा: -

21 जून से 12 दिसम्बर तक देश-विदेशो में काई जगह महामारी, दुर्घटना, लूटमार और प्राकृतिक आपदा देखने को मिलेगी, वर्तमान में कोरोना वायरस के कारण पुरे विश्व में जहाँ हाहाकार मचा हुआ हे इस सूर्य ग्रहण के कारण कुछ और समस्या बढ़ेगी l 14 दिसंबर को जो साल का दूसरा सूर्य ग्रहण के बाद उसके बाद पिछले ग्रहण का असर समाप्त हो जायगा और सभी और सुकून शांति मिलना आरम्भ हो जायगा l परन्तु वहीँ इस 6 माह में कुछ नई और सकारात्मक घटनाएँ भी घटेंगी जैसे व्यापार के नए साधन बनेंगे कुछ नई कम्पनिया अपना विस्तार कर सकेंगी और इंटरनेट के माध्यम से व्यापार के नए रुप निकलकर आयेंगे जो आर्थिक रुप से मजबूती प्रदान करेंगे l

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है: -

  • मेष : पद-सम्मान की प्राप्ति।
  • वृषभ : व्यापार में हानि, परेशानी।
  • मिथुन : घटना-दुर्घटना।
  • कर्क : चोट की आशंका।
  • सिंह : जीवनसाथी को सुख।
  • कन्या : शुभ समाचार।
  • तुला : वाद-विवाद हो सकता है।
  • वृश्चिक : परेशानी।
  • धनु : जीवनसाथी को कष्ट।
  • मकर : शुभ।
  • कुंभ : तनाव व मानसिक परेशानी।
  • मीन : अधिक खर्च रहेगा।

विशेष :-
ग्रहण समाप्ति के बाद गंगा, जमुना, सरस्वती, रेवा, कावेरी, सरस्वती या किसी पवित्र में नदी स्नान करें। यह संभव न हो तो तालाब, कुएं या बावड़ी में स्नान करें। यह भी संभव न हो तो घर पर तीर्थ जल मिलाकर स्नान करना चाहिए।

सूर्य ग्रहण में दान का महत्त्व: -

  • ग्रहण समाप्ति के पश्चात मच्छरदानी का दान करें।
  • तेल, कपास, स्वर्ण या कंबल का भी दान कर सकते हैं।
  • सबसे श्रेष्ठ दान मच्छरदानी या हवन सामग्री या काली तिल का दान करें।
ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखार्विंद
विनोद सोनी पोद्दार
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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।