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Birth Anniversary: सुरैया पर नानी रखती थी नजर, परिवार वालों को देवानंद से शादी नहीं थी मंजूर

Birth Anniversary: सुरैया पर नानी रखती थी नजर, परिवार वालों को देवानंद से शादी नहीं थी मंजूर

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और गायिका "सुरैया" का जन्म 15 जून 1929 को पंजाब में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। दर्शकों को अपनी एक्टिंग से सुरैया ने दीवाना बना दिया था। अपनी खूबसूरती के लिए सुरैया इतनी मशहूर थी कि, लोग उनकी एक झलक पाने के लिए तरसते थे। करोड़ों दिलों में राज करने वाली अभिनेत्री सुरैया की असल जिंदगी संघर्षों से भरी थी। उनका पहला और आखिरी प्यार अधूरा रह गया। 

दोनों  के परिवार वालों ने सुरैया और देवानंद के प्यार को कभी समझा ही नहीं। उन्हें दोनों के बीच प्यार नहीं दो अलग धर्म दिखाई देते थे, जिसने सुरैया और देवानंद को हमेशा के लिए तोड़ कर रख दिया। सुरैया और देवानंद एक-दूसरे से न मिल पाए इसलिए सुरैया की नानी उन पर हर वक्त नजर रखती थी। जो सुरैया और देवानंद के फासले का सबसे बड़ा कारण था। 

Devanand Suraiyya Love Story Throwback बीच नदी में पलट गई थीं सुरैया की नाव, देवानंद ने इस तरह से बचाई थी जान When Dev Anand saved Suraiya from drowning during Vidya Film | Bollywood News

सुरैया की प्रेम कहानी
अपनी अदाकारी और खूबसूरती के लिए चर्चित सुरैया और 10 साल तक भारत के सबसे महंगे सुपरस्टार का गौरव प्राप्त करने वाले देवानंद एक-दूसरे प्यार करते थे लेकिन उनके परिवार वालों को ये रिश्ता मंजूर नहीं था। पंजाब में एक मुस्लिम परिवार में जन्मी सुरैया और देवानंद की पहली मुलाकात फिल्म 'विद्या' के सेट पर हुई थी। जब देवानंद फिल्मी दुनिया में सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहे थे उस वक्त तक सुरैया एक बड़ी स्टार बन चुकी थी। 

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देवानंद ने अपनी आत्मकथा  'रोमांसिंग विद लाइफ' में अपनी और सुरैया की प्रेम कहानी का जिक्र किया है। देवानंद ने लिखा कि, काम करते वक्त सेट से ही मेरे और सुरैया की बीच दोस्ती हुई। दोस्ती प्यार में तब्दील हो गई। सुरैया को देखे बिना मुझे चैन नहीं आता था और मेरा 1 मिनट भी गुजारना मुश्किल था। लेकिन सुरैया के परिवार वाले हमारे प्यार में जितनी बंदिशे लगाते हमारा प्यार उतना ही बढ़ता। लेकिन समय के साथ-साथ उनके परिवारों वाले ने हमारे मिलने पर भी रोक लगा दी।

बता दें कि, सुरैया की नानी को देवानंद के साथ ये रिश्ता बिल्कुल भी पसंद नहीं था क्योंकि दोनों अलग-अलग धर्म के थे। जिसकी वजह से उनकी नानी हर वक्त सुरैया पर नजर रखती थी। लेकिन इस बीच देवानंद और सुरैया ने फैसला किया कि, वो फिल्म के सीन के दौरान असली में शादी कर लेंगे। फिल्म "जीत" की शूटिंग के दौरान दोनों ने शादी के एक सीन के लिए असली पंडित को बुलाया लेकिन इस बात की खबर सुरैया की नानी को लग गई और वो सुरैया को सेट से घसीटते हुए घर ले गई। 

Suraiya photos and images - Cinestaan.com | Vintage bollywood, Bollywood celebrities, Bollywood dance

बाद में एक इंटरव्यू के दौरान सुरैया ने बताया कि, हर रोज मुझे समझाने के लिए फिल्म इंडस्ट्री के हमारे कई करीबी लोगों को बुलाया जाता था। वे मुझे समझाते कि देव के साथ शादी मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल होगी। एक्ट्रेस नादिरा के पहले पति नक्शब ने तो मेरे सामने कुरान ले आए और बोले कि इस पर हाथ रखकर कसम खाओ कि तुम देव से शादी नहीं करोगी। उन्होंने ये भी कहा कि अगर मैंने देवानंद से शादी की तो देश में दंगे भी हो सकते हैं। मैं बहुत डर गई थी। मेरी हिम्मत तब टूट गई जब नानी और मामा ने देव को जान से मारने की धमकी दी।  

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राजस्थान में सियासी घमासान फिर तेज, मंत्रिमंडल विस्तार पर गहलोत-पायलट आमने सामने


डिजिटल डेस्क, जयपुर। पंजाब में जब से कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को दरकिनार कर कांग्रेस प्रदेश कमेटी का अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को बनाया है, तब से राजस्थान में पायलट गुट का भी जोश हाई है। अब पायलट गुट के दबाव के कारण मंत्रिमंडल पर नए सिरे से चर्चा हो रही है। मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल पर अशोक गहलोत और सचिन पायलट गुट के बीच तलवारें खिंच गईं हैं,  दोनों गुट आमने-सामने आ गये हैं। फिलहाल विस्तार की कोई तारीख तय नहीं है लेकिन यह माना जा रहा है कि अगले महीने इस पर कोई फैसला लिया जा सकता है। अभी गहलोत कैबिनेट में 9 पद खाली हैं। अगर कांग्रेस 'एक व्यक्ति एक पद' के फॉर्मूले को मानती है तो शिक्षा राज्य मंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा को अपना पद छोड़ना होगा। वैसे गोविंद डोटासरा ने यह कहकर कि 'मैं दो-चार दिन का मेहमान हूं' अपने जाने के संकेत दे दिये हैं। एक पद विधानसभा उपाध्यक्ष का भी खाली है।   
 
आंकड़ों के हिसाब से गहलोत कैबिनेट में कुल 11 पद खाली हैं। लेकिन इन सभी पदों पर फिलहाल मंत्री नहीं बनाए जाएंगे। अंदेशा है कि विस्तार के बाद भी नाराजगी रह सकती है। उन हालातों का सामना करने के लिए फिलहाल कैबिनेट में दो या तीन पद खाली ही रखे जाएंगे। 
मत्रिमंडल विस्तार पर अगर पूरी तरह गहलोत हावी रहे तो 2 या 3 ही मंत्रियों की छुट्टी होगी। पर ये फैसला लेना भी गहलोत के लिए आसान नहीं होगा,  क्योंकि उन्हें उन लोगों के बीच फैसला लेना होगा जिन लोगों ने मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया था। 
अगर विस्तार पर पायलट गुट का दबाव रहा तो फिर 6 से 7 मंत्री आउट होना तय माने जा रहे हैं। और, अगर आलाकमान ने प्रदर्शन को आधार माना तो कई मंत्रियों को जाना पड़ सकता है, लेकिन इसकी उम्मीद कम ही है। हालांकि, अजय माकन का 28-29 को जयपुर दौरा है। जिसमें वह जयपुर आकर हर विधायक से बात करेंगे। उसके बाद यह तय होगा कि कौन रहेगा और कौन जाएगा?   

इन मंत्रियों की कुर्सी पर खतरा


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इनकी हो सकती मंत्रिमंडल में एंट्री- पायलट गुट के 3 और गहलोत गुट के 7 चहेरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। 

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डोटासरा के बयान से उनके जाने के संकेत

प्रदेश में मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाऐं जारी हैं उस बीच शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर छा गया है। इसमें उनको राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डीपी जारोली से कहते सुना जा सकता हैं- ‘मेरे पास एक घंटे फाइल नहीं रुकेगी, आप सोमवार को आ जाओ। एक मिनट में निकाल दूंगा, जितनी कहोगे। मैं दो-पांच दिन का ही मेहमान हूं। मुझसे जो कराना है करा लो।’ इसके बाद बोर्ड अध्यक्ष डीपी जारोली ने हाथ जोड़कर कहा कि मैं आता हूं सर। इस वायरल वीडियो के बाद से ये कयास तेज हो गए हैं कि मंत्रिमंडल से डोटासरा की रवानगी तय है। 
 

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ओलंपिक में जिमनास्टिक खिलाड़ियों ने पहली बार पहने ऐसे कपड़े, जिसने देखा रह गए हैरान

ओलंपिक में जिमनास्टिक खिलाड़ियों ने पहली बार पहने ऐसे कपड़े, जिसने देखा रह गए हैरान

डिजिटल डेस्क, टोक्यो। टोक्यो ओलंपिक में पूरी दुनिया से आए हुए खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। खेल में अपनी प्रतिभा दिखाने के अलावा जर्मन की महिला जिमनास्टिक्स ने फ्रीडम ऑफ चॉइस यानी अपने मन के कपड़े पहनने की आजादी को अपने खेल के जरिए प्रमोट करने का फैसला किया है, जिससे उनकी हर तरफ चर्चा हो रही है। 

Germany Women's Gymnastics Team Wear Unitards at Olympics | POPSUGAR Fitness

जर्मनी की महिला जिमनास्ट रविवार को हुए टोक्यो ओलंपिक मुकाबले में फुल बॉडी सूट पहने नजर आई। खिलाड़ियों ने बताया कि इस सूट को फ्रीडम ऑफ चॉइस यानी अपनी पसंद के कपड़े पहनने की आजादी को बढ़ावा देने साथ ही महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए डिजाइन किया गया है जिसे पहनकर महिला खिलाड़ी आरामदायक महसूस कर सकें।

Germany's gymnasts wear body-covering unitards, rejecting 'sexualization' of sport - CNN 
 

जर्मनी की 4 जिमनास्ट जिनके नाम है पॉलीन शेफर-बेट्ज, सारा वॉस, एलिजाबेथ सेट्ज और किम बुई लाल और सफेद रंग के इस यूनिटार्ड सूट में नजर आई जो लियोटार्ड और लेगिंग्स को मिलाकर बनाया गया था। खिलाड़ी इसी को पहन कर मैदान में उतरीं थी। 

German gymnastics team, tired of 'sexualisation,' wears unitards | Deccan Herald
 

जर्मनी की टीम ने अपनी ट्रेनिंग में भी इसी तरह के कपड़े पहने हुए थे और अपने कई इंटरव्यूज में खिलाड़ियों ने कहा था कि इस साल फाइनल कॉम्पटीशन में भी वो फ्रीडम ऑफ चॉइस को प्रमोट करने के लिए इसी तरह के कपड़े पहनेंगी। खिलाड़ी सारा वॉस ने द जापान टाइम्स को बताया था यूनिटार्ड को फाइनल करने से पहले उन्होंने इस पर चर्चा भी की थी। सारा ने ये भी कहा कि जैसे जैसे एक महिला बड़ी होती जाती है, वैसे ही उसे अपने शरीर के साथ सहज होने में काफी मुश्किल होती हैं। हम ऐसा कुछ करना चाहते थे जिसमें हम अच्छे भी दिखे और सहज भी महसूस करें। चाहे वो कोई लॉन्ग यूनिटार्ड हो या फिर शॉर्ट। 

Germany Women's Gymnastics Team Wear Unitards at Olympics | POPSUGAR Fitness
 

सारा ने यह भी बताया कि उनकी टीम ने इससे पहले यूरोपीय चैंपियनशिप में भी इसी तरह का फुल बॉडी सूट पहना था और इसका उद्देश्य सेक्सुलाइजेशन को कम करना है। हम लोगों के लिए एक रोल मॉडल बनना चाहते थे जिससे वो हमे फॉलो कर सकें। जर्मन के खिलाड़ियों की लोग काफी प्रशंसा भी कर रहे हैं। 


ओलंपिक प्रतियोगिताओं में जिमनास्ट महिलाओं को फुल या हाफ बाजू के पारंपरिक लियोटार्ड ही पहनना होता है साथ ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में फुल कपड़े पहनने की अनुमति तो है लेकिन किसी भी महिला जिमनास्ट ने इस तरह के कपड़े नहीं पहने थे। यह पहली बार था जब जर्मन खिलाड़ी महिलाओं ने इस तरह के कपड़े पहने थे। 
बीते कुछ सालों में खेल प्रतियोगिताओं में महिलाओं के शारीरिक शोषण के बढ़ते मामलों को देख महिला खिलाड़ियो की चिंता बढ़ती जा रही है अब एथलीटों की सुरक्षा को देखते हुए नए सेफ्टी प्रोटोकॉल बनाए जा रहे हैं।