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Mother's Day: ये 6 बॉलीवुड एक्ट्रेसेस हैं सिंगल मदर, अकेले की अपने बच्चों की परवरिश

Mother's Day: ये 6 बॉलीवुड एक्ट्रेसेस हैं सिंगल मदर, अकेले की अपने बच्चों की परवरिश

डिजिटल डेस्क,मुंबई। बच्चों की जिम्मेदारी भले ही माता-पिता दोनों की होती है लेकिन कई बार पति-पत्नी के झगड़े के बीच बच्चों की परवरिश मां को अकेले करनी पड़ती है। आज मदर्स डे के मौके पर हम नजर डालेंगे बॉलीवुड की 6 एक्ट्रेसस के ऊपर, जिन्होंने असल जिंदगी में अपने बच्चें की जिम्मेदारी बिना पिता के उठाई और आज सभी महिलाओं के लिए एक रोल मॉडल है।

  • इस लिस्ट में सबसे पहला नाम आता है, बबीता कपूर का।
  • रणधीर कपूर से शादी के बाद बबीता ने 1974 को करिश्मा और 1980 को करीना कपूर को जन्म दिया।
  • बच्चियों के पैदा होने के बाद बबीता और रणधीर के बीच दूरियां बढ़ गई और दोनों अलग हो गए।
  • बबीता अपनी दोनों बेटियों को लेकर अलग रहने चली गई। हालांकि, दोनों ने न ही दूसरी शादी की और न ही तलाक लिया।

Kareena and Karisma Kapoor share throwback pics to wish mom Babita: Happy birthday Queen

  • लिस्ट में दूसरा नंबर आता हैं पूजा बेदी का।
  • पूजा बेदी ने 1994 में फरहान अब्राहम से शादी की और 2003 में उनका तलाक हो गया। 
  • पूजा ने अपने दोनों बच्चों की परवरिश अकेले ही की है।
  • पूजा की बेटी आलिया का जन्म 1997 और बेटे उमर का जन्म 2000 में हुआ था। 

Alaya F on being Pooja Bedi's daughter: I've tried hard to build my own life because my mother is very hot

  • एक्ट्रेस श्वेता तिवारी के दो बच्चें (रेयांश और पलक) हैं और दोनों की परवरिश भी वो अकेले ही कर रही हैं। 
  • रेयांश श्वेता के दूसरे पति अभिनव कोहली और पहले पति राजा के साथ उनकी 18 साल की एक बेटी पलक है।

 Shweta Tiwari, Somya Seth, Dalljiet Kaur: Single moms of television | The Times of India

  • एक्ट्रेस करिश्मा कपूर ने उद्योगपति संजय कपूर से 2003 में शादी की और इनके दो बच्चें है।
  • साल 2016 में दोनों ने तलाक ले लिया। 
  • जिसके बाद करिश्मा सिंगल मदर बनकर दोनों  की परवरिश कर रही है।

Karisma Kapoor with Children Daughter Samiera & Son Kiaan Raj Kapoor At Mumbai Airport - YouTube

  • सैफ अली खान की पहली शादी अमृता सिंह से हुई और उनके दो बच्चें है।
  • सैफ और अमृता की साल 1992 में शादी हुई और 2004 में दोनों का तलाक हो गया।
  • तलाक के बाद अमृता ने बेटी सारा अली खान और बेटे इब्राहिम अली खान की परवरिश अकेले की।

Amrita Singh takes the compatibility quiz with kids Sara Ali Khan, Ibrahim and the result will make you LOL

  • 'देसी ब्वॉयज' फेम एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह ने 2001 में प्रोफेशनल गोल्फर ज्योति सिंह रंधावा से शादी की थी।
  • शादी के 14 साल बाद 2015 में दोनों ने तलाक ले लिया।
  • जिसके बाद दोनों के एक बेटे की कस्टडी चित्रांगदा को मिली और सिंगल मदर बनकर वो बेटे की परवरिश कर रही है।

Chitrangada Singh's Marriage: A Son, & A Much Covered Divorce

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।