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बिहार में राजस्व संग्रह में 82.29 फीसदी की कमी : सुशील मोदी

May 18th, 2020 23:00 IST
 बिहार में राजस्व संग्रह में 82.29 फीसदी की कमी : सुशील मोदी

हाईलाइट

  • बिहार में राजस्व संग्रह में 82.29 फीसदी की कमी : सुशील मोदी

पटना, 18 मई (आईएएनएस)। बिहार में कोरोना संक्रमण काल में राजस्व संग्रह में कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2019 के अप्रैल में राज्य का अपना राजस्व संग्रह 2,542़23 करोड़ रुपये था, जबकि 24 मार्च से लॉकडाउन लागू हो जाने के कारण अप्रैल में मात्र 450़21 करोड़ रुपये का ही राजस्व संग्रह हो सका।

बिहार के उपमुख्यमंत्री और वित्तमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कोरोना संकट के कारण राज्य के राजस्व संग्रह में पिछले वर्ष के अप्रैल माह की तुलना में इस साल अप्रैल में 82़ 29 प्रतिशत की कमी आई है।

उन्होंने कहा, अप्रैल, 2020 में जहां वेतन, पेंशन, आपदा प्रबंधन, सामाजिक सुरक्षा, लोकऋण के मूलधन व ब्याज की वापसी तथा पंचायतों के अनुदान पर 12,202 करोड़ रुपये खर्च हुए, वहीं सभी तरह के संसाधनों से मात्र 9,861 करोड़ रुपये ही प्राप्त हो पाया। इस कारण 2,341 करोड़ के घाटे को पहले की बचत की राशि से पूरा किया गया।

मोदी ने बताया कि वर्ष 2019 के अप्रैल में राज्य का अपना राजस्व संग्रह 2,542़23 करोड़ रुपये की तुलना में 24 मार्च से लॉकडाउन लागू हो जाने के कारण अप्रैल 2020 में मात्र 450़21 करोड़ रुपये ही हो पाया।

उन्होंने कहा, वाणिज्य कर का अप्रैल, 2019 के 1,622़23 करोड़ रुपये की तुलना में अप्रैल, 2020 में मात्र 256़21 करोड़, निबंधन से 299़21 करोड़ की जगह 4़ 0 करोड़, परिवहन से 189़ 68 करोड़ की जगह 31 करोड़, खनन से 71़ 16 करोड़ की जगह 60 करोड़ व अन्य स्रोतों से 359़ 95 करोड़ की तुलना में केवल 99 करोड़ रुपये का ही संग्रह हो पाया।

उन्होंने कहा कि राज्य को अपने अन्य स्रोतों से कुल 450़21 करोड़ के राजस्व संग्रह के साथ केंद्रीय करों में हिस्से के रूप में 4,632 करोड़ रुपये व भारत सरकार से अनुदान के तौर पर 2,450 करोड़ सहित सभी अन्य संसाधनों से केवल 9,861 करोड़ प्राप्त हुआ, जिस कारण खर्च व आय में 2,341 करोड़ रुपये का घाटा रहा।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।