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Real Estate: अफोर्डेबल हाउसिंग फर्म सिग्नेचर ग्लोबल ने कहा- मार्च 2021 तक 10,000 यूनिटों को लॉन्च करेंगे

Real Estate: अफोर्डेबल हाउसिंग फर्म सिग्नेचर ग्लोबल ने कहा- मार्च 2021 तक 10,000 यूनिटों को लॉन्च करेंगे

हाईलाइट

  • सिग्नेचर ग्लोबल ग्रुप की मार्च 2021 से पहले 10,000 यूनिट को लॉन्च करने की योजना
  • कोरोनावायरस महामारी फैलने से पहले ये टारगेट तय किया था
  • सिग्नेचर ग्लोबल ग्रुप किफायती आवास परियोजनाओं में है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुड़गांव स्थित एक रियल एस्टेट डेवलपर, सिग्नेचर ग्लोबल ग्रुप मार्च 2021 से पहले 10,000 यूनिट को लॉन्च करने की योजना बना रहा है। कोरोनावायरस महामारी फैलने से पहले ये टारगेट तय किया था और वह इसी पूर्व निर्धारित लक्ष्य के तहत आगे बढ़ेगा। बता दें कि सिग्नेचर ग्लोबल ग्रुप किफायती आवास परियोजनाओं (Affordable housing projects) में है।

इस महीने में दीन दयाल जन आवास योजना के तहत 800 से अधिक यूनिट को लॉन्च किया गया। यह हरियाणा सरकार की एक योजना है जिसके तहत सिग्नेचर ग्लोबल 2022 तक दो लाख अफोर्डेबल हाउसिंग यूनिट को विकसित करने का इरादा रखता है। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट पर अब तक 400 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत दो साइज में यूनिट बनाई जा रही है। 1,081 sqft में फैले 3bhk यूनिट और 2 bhk जो 951 sq ft में फैली हैं। इन यूनिटों की कीमत लगभग 45 से 55 लाख रुपये है।  

सिग्नेचर ग्लोबल के फाउंडर और चेयरमैन ने कहा, 'हमने एक साल पहले जमीन का अधिग्रहण किया था। COVID-19 से पहले ही हमने HDFC कैपिटल, KKR जैसे वित्तीय संस्थानों को लाइन अप भी कर लिया था। इन संस्थानों ने हमारी परियोजना को सपोर्ट किया है।' उन्होंने दावा किया कि अफोर्डेबल हाउसिंग एक ऐसा सेगमेंट है जो महामारी से बुरी तरह प्रभावित नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा, 30,000 अफोर्डेबल हाउसिंग यूनिटों को लॉन्च करने का हमारा लक्ष्य पटरी पर है। हमने अब तक 19,200 यूनिटें लॉन्च की हैं और मार्च 2021 तक 10,000 यूनिट लॉन्च करने का इरादा है। 5000 से अधिक यूनिट हरियाणा अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी के तहत हैं और दूसरी 5000 दीन दयाल जन आवास योजना के तहत हैं। हम 2021 तक सभी 30,000 यूनिटों को लॉन्च करने की स्थिति में होंगे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।