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Budget 2020: मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक सामान को भारत में बनाने के लिए स्कीम जल्द

Budget 2020: मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक सामान को भारत में बनाने के लिए स्कीम जल्द

हाईलाइट

  • मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) को प्रोत्साहित करने के लिए स्कीम जल्द
  • इलेक्ट्रिक उपकरणों को बनाने के लिए विशेष सहायता दी जाएगी
  • इंडस्ट्री और कॉमर्स के प्रमोशन के लिए 27,000 करोड़ का प्रस्ताव

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2020 को पेश करने के दौरान जो घोषणाएं कीं उनमें मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक सामान को भारत में बनाने को लेकर भी जोर दिया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि मोबाइल फोन, सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) को प्रोत्साहित करने के लिए जल्द स्कीम लाई जाएगी।

बताया गया है कि इलेक्ट्रिक उपकरणों को बनाने के लिए विशेष सहायता दी जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में अपने घरेलू मैन्यूफैक्चर को बढ़ाने तथा इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चर में निवेश करने की आवश्यकता है। इसे ध्यान में रखते हुए इंडस्ट्री और कॉमर्स के प्रमोशन के लिए सरकार ने 27,000 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया है।

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विनिर्माण को प्रोत्साहन
इस बात पर जोर देते हुए वित्तमंत्री ने कहा, मैं मोबाइल फोन, सेमीकंडेक्टर पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव देती हूं। वित्तमंत्री ने कहा कि एक विस्तृत योजना जल्द ही जारी की जाएगी।

विनिर्माण से लागत कम
वित्तमंत्री ने 2020 के आम बजट में इस बात की घोषणा करते हुए कहा, भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण से लागत कम आती है। उन्होंने कहा कि लेकिन इसके लिए अधिक निवेश की आवश्यकता है। इसका उपयोग चिकित्सा उपकरणों के निर्माण के लिए भी किया जा सकता है।

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पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा
देश में 20-विषम घटक विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल फोन बनाने से परे शायद एविले पर एक संशोधित विशेष प्रोत्साहन पैकेज योजना (एमएसआईपीएस) लाई जाएगी।

यह ब्याज सबवेंशन और क्रेडिट डिफॉल्ट गारंटी से परे ओवरआर्चिग पॉलिसी हो सकती है और यह इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के दायरे से बाहर होगी

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।