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Coronavirus: नोटों की छपाई 31 मार्च तक बंद हुई, नासिक करंसी प्रेस ने लिया निर्णय

Coronavirus: नोटों की छपाई 31 मार्च तक बंद हुई, नासिक करंसी प्रेस ने लिया निर्णय

हाईलाइट

  • छपाई बंद करने से पहले ही लक्ष्य हालिस किया
  • नोट छपाई बंद करने का निर्णय मिलकर लिया गया
  • 31 मार्च तक नहीं होगी नए नोटों की छपाई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोनावायरस (Coronavirus) अपना कहर बरपा रहा है। इसका असर हर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। इस महामारी को बढ़ते देख बीते दिनों बैंकों ने अपने ग्राहकों से कैश की जगह डिजिटल ट्रांजैक्शन करने की अपील की थी। वहीं अब हालात यहां तक आ पहंचे हैं कि कोरोना की वजह से नोटों की छपाई पर भी रोक लग गई है। 

यानी कि अब नए नोट बाजार में नहीं आएंगे। यह निर्णय नासिक करंसी नोट प्रेस ने लिया है। जिसके तहत 31 मार्च तक कामकाज बंद रहेगा। आपको बता दें कि कोरोनावायरस के चलते दुनियाभर में लॉकडाउन की स्थिति देखी जा रही है। वहीं देश के कई राज्यों में यह लागू किया गया है।

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मिलकर लिया निर्णय
फिलहाल बात करें बैंक नोट छपाई के बंद होने की तो, करंसी नोट प्रेस के यूनियन नेता जगदीश गोडसे का कहना है कि, छपाई बंद करने से पहले 20 मार्च तक हमने छपाई का 99 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया है। ऐसे में हमने मिलकर 31 मार्च तक नोट छपाई का काम बंद करने का निर्णय लिया है। 

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SBI ने की अपील
वहीं अब देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने ट्वीट कर लोगों से कैश का उपयोग करने की अपील की है। एसबीआई ने अपने ट्वीट में कहा है, कि कई लोग नोटों की गिनती  करते समय थूक का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में वायरस फैलने का खतरा काफी होता है। इससे बचाव के लिए नोट के इस्तेमाल से बचने की कोशिश करें। 

बीते दिनों आरबीआई ने दिए थे निर्देश
आपको बता दें कि बीते दिनों भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले दिनों कहा था कि लोगों को कार्ड इत्यादि और नकदी का उपयोग करने से बचना चाहिए। इसके लिए बैकों को निर्देश भी दिए गए थे कि वे अपने ग्राहकों को डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए प्रात्साहित करें। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।