comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

महाराष्ट्र में गन्ने के अभाव में 3 महीने से ज्यादा नहीं चलेगी पेराई

October 10th, 2019 23:30 IST
 महाराष्ट्र में गन्ने के अभाव में 3 महीने से ज्यादा नहीं चलेगी पेराई

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश के दूसरे सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में इस साल सूखा और बाढ़ से गन्ने की फसल को भारी नुकसान होने से चीनी मिलों में तीन महीने से ज्यादा समय तक पेराई चलने की संभावना कम है।

प्रदेश की चीनी मिलों में गन्ने की पेराई चालू सीजन 2019-20 (अक्टूबर-नवंबर) में डेढ़ महीने के विलंब से 15 नवंबर से शुरू होने वाली है, लेकिन उद्योग संगठन के एक शीर्ष अधिकारी का कहना है कि गóो की उपलब्धता कम होने की वजह से चीनी मिलों को फरवरी में अपना ऑपरेशन बंद करना पड़ जाएगा।

नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाइकनवरे ने कहा कि महाराष्ट्र की चीनी मिलों में ज्यादा से ज्यादा तीन महीने पेराई चलेगी क्योंकि प्रदेश में सूखा और बाढ़ के कारण इस साल फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने बताया कि 15 नवंबर से प्रदेश की तकरीबन सभी चीनी मिलों में पेराई शुरू हो जाएगी।

यह पूछे जाने पर कि क्या महाराष्ट्र की चीनी मिलों को कर्नाटक से गन्ना मुहैया होगा, उन्होंने कहा, कर्नाटक में भी गóो की फसल खराब हुई है, इसलिए इसकी संभावना कम है।

उन्होंने कहा, महाराष्ट्र का मराठावाड़ा क्षेत्र इस साल सूखे की चपेट में रहा जिससे गóो की फसल खराब हुई जबकि कोल्हापुर, सांगली, सतारा और इचलकरंजी में बाढ़ के कारण गन्ने को भारी नुकसान हुआ है।

एनएफसीएसएफ ने चालू सीजन 2019-20 में महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन 55 लाख टन रहने का अनुमान लगाया, जोकि पिछले साल से तकरीबन आधा है। पिछले सीजन 2018-19 में महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन 107 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया है।

किसानों को गन्ने के बकाये के भुगतान के बारे में पूछ जाने पर उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में करीब 100 करोड़ रुपये का बकाया है, लेकिन पूरे देश में गन्ना उत्पादकों का बकाया तकरीबन 6,500 करोड़ रुपये है जिसमें उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा करीब 5,000 करोड़ रुपये है।

कमेंट करें
CNpAd
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।