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पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाया जाना जरूरी : धर्मेंद्र प्रधान

September 07th, 2018 23:34 IST
पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाया जाना जरूरी : धर्मेंद्र प्रधान

हाईलाइट

  • पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर देश में हाहाकार मचा हुआ है।
  • केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कमजोर रुपया इसकी वजह है।
  • उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाया जाना चाहिए।

डिजिटल डेस्क, भूवनेश्वर। पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर देश में हाहाकार मचा हुआ है। देश में लगातार बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल के दाम ने महंगाई को आसमान तक पहुंचा दिया है, जिससे आम आदमी पर कमरतोड़ भार पड़ने लगा है। इस बीच केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर बयान सामने आया है। धर्मेंद्र प्रधान ने रुपए की लगातार गिरावट को इसकी सबसे बड़ी वजह बताया है। वहीं उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को माल एवं सेवा कर (GST) के दायरे में लाया जाना चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय कारकों से हो रही है और अब यह जरूरी हो गया है कि पेट्रोल और डीजल को माल एवं सेवा कर (GST) के तहत लाया जाए। पेट्रोल और डीजल के जीसटी के दायरे में न होने की वजह से देश को करीब 15,000 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा पेट्रोल डीजल को GST के दायरे में लाना सभी के हित में होगा।

जब धर्मेंद्र प्रधान से ये पूछा गया कि फिलहाल ईंधन के दामों को घटाने के लिए सरकार क्या प्रयास कर रही है तो इसपर प्रधान ने कहा कि केवल उत्पाद शुल्क घटाकर इस मुद्दे का प्रभावी तरीके से हल नहीं निकाला जा सकता। उन्होंने कहा ईरान, वेनेजुएला और तुर्की जैसे देशों में राजनीतिक स्थिति की वजह से कच्चे तेल का उत्पादन प्रभावित हुआ है। पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन ओपेक भी कच्चे तेल का उत्पादन नहीं बढ़ा पाया है, जबकि उसने इसका वादा किया था।  

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।