दैनिक भास्कर हिंदी: पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाया जाना जरूरी : धर्मेंद्र प्रधान

September 7th, 2018

हाईलाइट

  • पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर देश में हाहाकार मचा हुआ है।
  • केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कमजोर रुपया इसकी वजह है।
  • उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाया जाना चाहिए।

डिजिटल डेस्क, भूवनेश्वर। पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर देश में हाहाकार मचा हुआ है। देश में लगातार बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल के दाम ने महंगाई को आसमान तक पहुंचा दिया है, जिससे आम आदमी पर कमरतोड़ भार पड़ने लगा है। इस बीच केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर बयान सामने आया है। धर्मेंद्र प्रधान ने रुपए की लगातार गिरावट को इसकी सबसे बड़ी वजह बताया है। वहीं उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को माल एवं सेवा कर (GST) के दायरे में लाया जाना चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय कारकों से हो रही है और अब यह जरूरी हो गया है कि पेट्रोल और डीजल को माल एवं सेवा कर (GST) के तहत लाया जाए। पेट्रोल और डीजल के जीसटी के दायरे में न होने की वजह से देश को करीब 15,000 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा पेट्रोल डीजल को GST के दायरे में लाना सभी के हित में होगा।

जब धर्मेंद्र प्रधान से ये पूछा गया कि फिलहाल ईंधन के दामों को घटाने के लिए सरकार क्या प्रयास कर रही है तो इसपर प्रधान ने कहा कि केवल उत्पाद शुल्क घटाकर इस मुद्दे का प्रभावी तरीके से हल नहीं निकाला जा सकता। उन्होंने कहा ईरान, वेनेजुएला और तुर्की जैसे देशों में राजनीतिक स्थिति की वजह से कच्चे तेल का उत्पादन प्रभावित हुआ है। पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन ओपेक भी कच्चे तेल का उत्पादन नहीं बढ़ा पाया है, जबकि उसने इसका वादा किया था।  

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