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वित्त वर्ष 2021 में 2 हजार ईवी चाजिर्ंग स्टेशन स्थापित करेगी ईईएसएल (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

June 06th, 2020 16:00 IST
 वित्त वर्ष 2021 में 2 हजार ईवी चाजिर्ंग स्टेशन स्थापित करेगी ईईएसएल (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

हाईलाइट

  • वित्त वर्ष 2021 में 2 हजार ईवी चाजिर्ंग स्टेशन स्थापित करेगी ईईएसएल (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। विद्युत सार्वजनिक उपक्रमों के संयुक्त उद्यम ईईएसएल ने कोविड-19 के प्रकोप के बावजूद वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान देश में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रखी है।

ऊर्जा मंत्रालय के अधीन आने वाले पीएसयू के संयुक्त उद्यम, इनर्जी इफीसिएंसी सर्विसिस (ईईएसएल) ने भारत में ई-मोबिलिटी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए परियोजना शुरू की है।

इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी की योजना देश भर में लगभग 2,000 ईवी चाजिर्ंग सुविधाएं स्थापित करने की है।

वर्तमान में इसने भारत में 300 से अधिक चाजिर्ंग स्टेशन स्थापित किए हैं।

हालांकि, इनमें कोविड-19 के प्रकोप के बाद आपूर्ति व्यवधान के कारण कुछ दिक्कतों का सामना जरूर करना पड़ा है।

ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने आईएएनएस को बताया, हमने आपूर्ति पक्ष की बाधाओं को हल कर दिया है। अधिकांश नए चाजिर्ंग स्टेशन जल्द ही चालू हो जाएंगे।

उन्होंने कहा, हम वित्त वर्ष 2020 के लिए ईवी चाजिर्ंग स्टेशनों के लक्ष्य को पार कर चुके हैं। अब हमारे पास देश भर में 300 से अधिक ऐसे चाजिर्ंग स्टेशन हैं।

कुमार ने बताया कि वित्त वर्ष 2021 के लिए कंपनी की स्थापना प्रक्रिया में तेजी लाने की योजना है और 2,000 नए ईवी चाजिर्ंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य है।

कुमार ने कहा, हमारी स्थापना योजनाएं बिल्कुल भी धीमी नहीं हुई है। वास्तव में इस वर्ष (वित्त वर्ष 2021) में हमने 2,000 चाजिर्ंग स्टेशनों का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने कहा, जैसे ही आपूर्ति वापस ट्रैक पर होगी, हम इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम होंगे।

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में, ईईएसएल का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में लगभग 500 चाजिर्ंग स्टेशन स्थापित करना है।

आखिरकार, कंपनी की योजना पूरे भारत में अगले दो से तीन वर्षों में 10,000 चाजिर्ंग स्टेशन स्थापित करने की है।

कंपनी ने फिलहाल सार्वजनिक चाजिर्ंग बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिए विभिन्न निजी और सार्वजनिक कंपनियों जैसे अपोलो हॉस्पिटल्स, बीएसएनएल, महा-मेट्रो, बीएचईएल और एचपीसीएल के साथ गठजोड़ किया है।

इसने हैदराबाद, नोएडा, अहमदाबाद, जयपुर और चेन्नई जैसे शहरों में शहरी स्थानीय निकायों के साथ भागीदारी की है और अन्य के साथ भी बुनियादी ढांचे को खड़ा करने की तैयारी है।

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