दैनिक भास्कर हिंदी: वित्तमंत्री ने कॉर्पोरेट TAX में दी छूट, PM मोदी ने ट्वीट कर कहा-ये ऐतिहासिक कदम

September 20th, 2019

हाईलाइट

  • 1 अक्टूबर के बाद स्थापित होने वाली मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों को 15 फीसदी टैक्स देना होगा
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्विट करते हुए लिखा, कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती का कदम ऐतिहासिक है
  • कंपनियों के लिए नया कॉर्पोरेट टैक्स 25.17 प्रतिशत तय किया गया, कंपनियों को फायदा मिलेगा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था को मंदी की मार से उबारने के लिए आज वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ी घोषणा की है। वित्त मंत्री ने कंपनियों के लिए लगने वाले कॉर्पोरेट टैक्स को घटाने का एलान किया है। उन्होंने कहा है कि 1 अक्टूबर के बाद स्थापित होने वाली मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों को 15 फीसदी टैक्स देना होगा।  

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्विट करते हुए लिखा, कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती का कदम ऐतिहासिक है। यह MakeInIndia को एक बहुत बड़ी प्रेरणा देगा, दुनिया भर से निजी निवेश को आकर्षित करेगा, हमारे निजी क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा में सुधार करेगा, अधिक नौकरियां पैदा करेगा और 130 करोड़ भारतीय के लिए एक जीत होगी।

 

बैठक के पहले कांफ्रेंस
दरअसल जीएसटी काउंसिल की बैठक के पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस ली थी। जिसमें उद्योग जगत को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री ने कॉर्पोरेट टैक्स को घटाने का एलान किया। उन्होंने कहा कि इससे देशी मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी। कंपनियों के लिए नया कॉर्पोरेट टैक्स 25.17 प्रतिशत तय किया गया है। भारतीय कंपनियों को इसका फायदा मिलेगा। इसके अलावा कंपनियों को अन्य कोई टैक्स नहीं देना होगा।

टैक्स एक्ट में नया प्रावधान
सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में नया प्रावधान जोड़ा है। इसके तहत वित्त वर्ष 2019-20 से घरेलू कंपनियों पर इनकम टैक्स की दर 22 फीसदी होगी। कैपिटल गेन पर सरचार्ज भी खत्म कर दिया गया है। हालांकि इसके लिए एक शर्त भी रखी गई है जिसके अनुसार ऐसी कंपनी को दूसरी कोई टैक्स छूट नहीं मिल रही हो।

आज होगी बैठक
बता दें कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण आज (शुक्रवार) जीएसटी काउंसिल के साथ गोवा में 37वीं अहम बैठक करेंगी। सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था के लिहाज से अहम बैठक है। बैठक में इंडस्ट्री को कई वस्तुओं पर रेट कट की उम्मीद है। संभावना है कि आज होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस बार 5 फीसदी के बजाय 8 फीसदी की दर को टैक्स का सबसे निचला स्लैब बनाया जा सकता है। जीएसटी परिषद के सदस्य दरों में कटौती का फैसला लिए जाने से पहले राजस्व की स्थिति और आर्थिक विकास की सुस्त रफ्तार पर मंथन करेंगे।