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Good News: BSNL के 1.76 लाख कर्मचारियों को दिवाली से पहले मिलेगी सैलरी

Good News: BSNL के 1.76 लाख कर्मचारियों को दिवाली से पहले मिलेगी सैलरी

हाईलाइट

  • BSNL को सर्विसेज के जरिए हर महीने 1,600 करोड़ की आमदनी होती है
  • BSNL के कर्मचारियों पर सैलरी का खर्च 850 करोड़ रुपए
  • BSNL को वित्‍त वर्ष 2019 में 13,804 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ था

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL के कर्मचारियों को सितंबर महीने की सैलरी दिवाली से पहले मिल जाएगी। BSNL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्‍टर पीके पुरवर का कहना है कि दिवाली से पहले कंपनी अपने संसाधनों के जरिए कर्मचारियों को वेतन देगी।

BSNL को सर्विसेज के जरिए हर महीने कंपनी को 1,600 करोड़ की आमदनी होती है। वहीं, सैलरी का खर्च 850 करोड़ रुपए है, लेकिन कंपनी का ऑपरेशनल खर्च काफी ज्यादा है। टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) को वित्‍त वर्ष 2019 में 13,804 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ था।

पुरवर ने बताया कि 4जी स्‍पेक्‍ट्रम का मिलना और वोलंटरी रिटायरमेंट स्‍कीम (VRS) से कर्मचारियों की संख्‍या में कमी से आर्थिक चिंताएं थोड़ी कम होंगी, लेकिन भले ही ये सरकार की तरजीही सूची में हो, इसमें वक्‍त लगेगा। वित्‍त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय BSNL और MTNL के पुनरुद्धार के लिए 50,000 करोड़ रुपए की पूंजी प्रवाहित करने के पक्ष में है। इसके अलावा अगले हफ्ते BSNL-MTNL के रिवाइवल प्लान पर चर्चा हो सकती है। कैबिनेट बैठक में 13 हजार करोड़ रुपए के VRS प्लान पर भी सहमति बनने की उम्मीद है।

कर्मचारियों को ऐसे मिलेगी सैलरी
BSNL का वेतन पर प्रति माह खर्च 850 करोड़ रुपए है। सूत्रों के अनुसार कंपनी प्रति माह 1,600 करोड़ रुपए का राजस्‍व अर्जित करती है, लेकिन वेतन को कवर करने के लिए यह राशि पर्याप्‍त नहीं है, क्‍योंकि इसका एक बड़ा हिस्‍सा परिचालन खर्च आदि में जाता है। सूत्रों ने यह जानकारी दी कि BSNL बैंकों से सरकारी गारंटी के जरिए फंड जुटाने का प्रयास कर रही है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।