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IMF 2020: विश्व की अर्थव्यवस्था में रहेगी 4.9% की गिरावट, चीन पर नहीं होगा ज्यादा असर

June 27th, 2020 11:12 IST
IMF 2020: विश्व की अर्थव्यवस्था में रहेगी 4.9% की गिरावट, चीन पर नहीं होगा ज्यादा असर

हाईलाइट

  • आईएमएफ : वैश्विक अर्थतंत्र में 2020 में 4.9 प्रतिशत की कमी, चीन एक मात्र वृद्धि वाला देश

डिजिटल डेस्क, बीजिंग, 26 जून (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) ने अनुमान लगाया है कि साल 2020 में विश्व की अर्थव्यवस्था में 4.9 प्रतिशत की गिरावट देखी जाएगी। हांलाकि चीन अकेला ऐसा देश होगा जो इससे बहुत कम प्रभावित होगा। दरअसल अर्थव्यवस्था की इस स्थिति की वजह कोरोनावायरस की वजह से दुनिया भर में लागू किया गया लॉकडाउन है।

आईएमएफ के मुताबिक, साल 2021 में वैश्विक अर्थतंत्र 5.4 प्रतिशत तक की वृद्धि बहाल होगी। मौजूदा महामारी की संकट गत शताब्दी के 30 के दशक में आर्थिक मंदी के बाद से लेकर अब तक सबसे गंभीर संकट के रूप में परिभाषित किया गया।

आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने वाशिंगटन में चाइना मीडिया ग्रुप के संवाददाता को दिए एक खास इन्टरव्यू में कहा कि नव पूर्वार्ध आर्थिक सूचकांक जारी किया गया, जिससे पता चला है कि लम्बे समय में आर्थिक रुकावट से इस वर्ष के पूर्वार्ध में अर्थतंत्र पर बहुत गंभीर प्रभाव पड़ा। साल के उत्तरार्ध में अगर कोई उचित तरीका नहीं उठाया गया, तो सोशल दूरी को बनाए रखने का समय और लम्बा होगा। यह आर्थिक विकास के अनुमान को कम करने के पीछे का कारण है।

गीता गोपीनाथ के मुताबिक, चीन इस वर्ष आर्थिक विकास को बनाए रखने वाले प्रमुख आर्थिक समुदायों में एक मात्र देश होगा। लेकिन चीन की आर्थिक वृद्धि का अनुमान भी थोड़े कम किया गया। अप्रैल में चीन की आर्थिक वृद्धि को लेकर 1.2 प्रतिशत का अनुमान लगाया गया था, अब इसे 1.0 फीसदी तक कम किया गया। कारण है कि व्यक्तिगत उपभोग व्यय की धीमी वृद्धि हो रही है। लेकिन, निवेश और सेवा क्षेत्र में अच्छी खबर मिली है, इस तरह चीन के आर्थिक विकास पर लगाए गए अनुमान में थोड़ा कम परिवर्तन किया गया। निर्यात की दृष्टि से देखा जाए, तो वैश्विक अनुमान की कमी से चीनी अर्थतंत्र भी प्रभावित होगा।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग में चीन की भूमिका की चर्चा करते हुए गीता गोपीनाथ ने कहा कि चिकित्सा संस्थापनों के क्षेत्र में चीन मौजूदा संकट के दौरान प्रमुख चिकित्सा वस्तुओं का प्रमुख निर्यातित देश है। यह बहुत महत्वपूर्ण बात है। दूसरी तरफ इस वर्ष और अगले वर्ष में चीनी आर्थिक विकास की बहाली और जबरदस्त वृद्धि से वैश्विक अर्थतंत्र को भी लाभ मिलेगा। विश्व अर्थव्यवस्था में चीन के अनुपात को देखा जाए, तो चीन बहुत महत्वपूर्ण है।

गीता गोपीनाथ ने यह भी कहा कि वैश्विक सहयोग के क्षेत्र में व्यापारिक दबाव मौजूद है, उम्मीद है कि इसका अच्छी तरह से समाधान किया जाएगा। वर्तमान में ज्यादा बेहतर भूमंडलीकरण और बहुपक्षवाद की आवश्यकता है, चीन इस पहलू में अहम भूमिका निभा रहा है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।