दैनिक भास्कर हिंदी: नहीं बच पाएगा भगौड़ा मेहुल चौकसी, इस आधार पर होगा एंटीगुआ से प्रत्यर्पण

August 6th, 2018

हाईलाइट

  • पीएनबी घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी पर शिकंजा कसता जा रहा है।
  • राष्ट्रमंडल देशों की संधी के तहत मेहुल चोकसी का प्रत्यर्पण किया जा सकता है।
  • भारत आने से बचने के लिए मेहुल ने कैरेबियाई देश एंटीगुआ और बारबूडा की नागरिकता हासिल कर ली है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक में हुए 13000 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी ने भारत आने से बचने के लिए कैरेबियाई देश एंटीगुआ और बारबूडा की नागरिकता ले रखी है, इसके बावजूद केन्द्र सरकार भगौड़े चोकसी को भारत लाने का भरसक प्रयास कर रही है। वैसे तो भारत और एंटीगुआ के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है, लेकिन सोमवार को भारत ने नोटिफाई किया है कि दोनों देश राष्ट्रमंडल देशों में शामिल है। ऐसे में राष्ट्रमंडल देशों की संधी के तहत मेहुल चोकसी का प्रत्यर्पण किया जा सकता है।

 

 

सोमवार को गैजेट जारी कर मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर के 3 अगस्त को जारी किए गए नोटिफिकेशन को प्रकाशित किया गया है। इसमें कहा गया है कि एंटीगुआ और बारबूडा पर प्रत्यर्पण अधिनियम 1962 लागू होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि एंटीगुआ और भारत कॉमनवेल्थ देशों में शामिल हैं। संयोग से 3 अगस्त को ही ऑफिशियल इंडियन डेलीगेशन ने मनप्रीत वोहरा जो कि कॉन्सुलर, पासपोर्ट और वीजा इशूज के एडिशनल सेक्रेटरी हैं, के नेतृत्व में एंटीगुआ की गैस्टन ब्राउन सरकार को औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध सौंपा है। बता दें कि हाल ही में एंटीगुआ के अटॉर्नी जनरल बेंजामिन ने अपनी सरकार को सूचित किया था कि उनके देश और भारत के बीच द्विपक्षीय प्रत्यर्पण व्यवस्था मौजूद है। इसके एक दिन बाद ही MEA ने ये नोटिफिकेशन जारी किया।