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Indian Economy: 40 साल में पहली बार भारतीय अर्थव्यवस्था में इतनी बड़ी गिरावट, GDP 23.9% घटी

Indian Economy: 40 साल में पहली बार भारतीय अर्थव्यवस्था में इतनी बड़ी गिरावट, GDP 23.9% घटी

हाईलाइट

  • कोरोना महामारी के चलते देश की अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका
  • 40 साल में पहली बार भारतीय अर्थव्यवस्था में इतनी बड़ी गिरावट
  • अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY21) में GDP 23.9% घटी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोना महामारी के चलते देशभर में लागू लॉकडाउन ने अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका दिया है। भारत की अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY21) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सालाना आधार पर (-)23.9% की ऐतिहा​सिक गिरावट आई है। 40 साल में पहली बार भारतीय अर्थव्यवस्था में इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने सोमवार को ये आंकड़े जारी किए। पिछली तिमाहियों में GDP ग्रोथ की बात करें तो Q4FY20 में 3.1%, Q3FY20: 4.7%, Q2FY20: 4.5%, Q1FY20: 5% रही थी।

NSO की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक 2020-21 की पहली तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रॉस वैल्यू एडिशन (GVA) – 39.3 फीसदी रहा। कंस्ट्रक्शन सेक्टर में यह -50.3 फीसदी रहा है। इलेक्ट्रिसिटी में यह -7 फीसदी है। उद्योग में GVA -38.1 फीसदी और सर्विस सेक्टर में -20.6 फीसदी रहा। खनन क्षेत्र में GVA -23.3 फीसदी, ट्रेड एवं होटल में -47 फीसदी, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में -10.3 फीसदी और फाइनेंस, रियल एस्टेट में -5.3 फीसदी रहा है। केवल कृषि क्षेत्र की ग्रोथ में 3.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 

कैसे होती है GDP की गणना?
बता दें कि किसी भी एक साल के भीतर देश में उत्पादित होने वाले सभी सामानों और सेवाओं का कुल मूल्य सकल घरेलू उत्पाद या जीडीपी (GDP) है। जीडीपी की गणना के लिए NSO देश के आठ प्रमुख क्षेत्रों से आंकड़े प्राप्त करता है। इनमें कृषि, रियल एस्टेट, मैन्युफैक्चरिंग, विद्युत, गैस सप्लाई, माइनिंग, वानिकी एवं मत्स्य, क्वैरीइंग, होटल, कंस्ट्रक्शन, ट्रेड और कम्युनिकेशन, फाइनेंसिंग और इंश्योरेंस, बिजनेस सर्विसेज और कम्युनिटी के अलावा सोशल व सार्वजनिक सेवाएं शामिल है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।