होलसेल प्राइस इंडेक्स: दिसंबर में भारत की थोक महंगाई घटकर 13.56 फीसदी हुई

January 15th, 2022

हाईलाइट

  • थोक मूल्य के सूचकांक संख्या की अपनी समीक्षा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विनिर्मित वस्तुओं और ईंधन की कम कीमतों ने क्रमिक (सिक्वेन्शल) आधार पर भारत की दिसंबर 2021 की थोक महंगाई दर को थोड़ा कम किया है। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2021 में थोक महंगाई दर (होलसेल प्राइस इंडेक्स) गिरकर 13.56 फीसदी पर रही, जबकि नबंवर में ये आंकड़ा 14.23 फीसदी था।

हालांकि, साल-दर-साल आधार पर, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) डेटा दिसंबर 2020 में तेजी से बढ़ा है, जब यह 1.95 प्रतिशत था। सरल शब्दों में कहें तो ये आंकड़े बहुत राहत देने वाले नहीं हैं, क्योंकि अब भी डब्ल्यूपीआई दोहरे अंक में ही बना हुआ है। क्योंकि दिसंबर 2020 में थोक महंगाई दर महज 1.95 फीसदी रही थी।

मंत्रालय ने बयान में कहा दिसंबर 2021 में मुद्रास्फीति (महंगाई) की उच्च दर मुख्य रूप से इसी की तुलना में खनिज तेलों, मूल धातुओं, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, रसायन और रासायनिक उत्पादों, खाद्य उत्पादों, कपड़ा और कागज और कागज उत्पादों आदि की कीमतों में वृद्धि के कारण है। मंत्रालय ने दिसंबर के लिए भारत में थोक मूल्य के सूचकांक संख्या की अपनी समीक्षा में यह जानकारी दी। बयान के अनुसार, दिसंबर, 2021 के महीने के लिए हढक में महीने दर महीने बदलाव नवंबर, 2021 की तुलना में (माइनस) 0.35 प्रतिशत रहा।

 

(आईएएनएस)

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