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पूरे सप्ताह लगे महंगाई के झटके, दिल्ली में 4 रुपये लीटर महंगा हुआ डीजल

June 13th, 2020 17:31 IST
 पूरे सप्ताह लगे महंगाई के झटके, दिल्ली में 4 रुपये लीटर महंगा हुआ डीजल

हाईलाइट

  • पूरे सप्ताह लगे महंगाई के झटके, दिल्ली में 4 रुपये लीटर महंगा हुआ डीजल

नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। लॉकडाउन खुलने के साथ जैसे ही सड़कों पर वाहनों की तादाद बढ़ने लगी, तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू कर दी है। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से देश के उपभोक्ताओं को एक सप्ताह से रोज महंगाई के झटके लग रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली में एक सप्ताह के दौरान डीजल 4.02 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है जबकि पेट्रोल के दाम में 3.90 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल की कीमत बढ़कर क्रमश: 75.16 रुपये, 77.05 रुपये, 82.10 रुपये और 78.99 रुपये प्रति लीटर हो गई। डीजल का दाम भी चारों महानगरों में बढ़कर क्रमश: 73.39 रुपये, 69.23 रुपये, 72.03 रुपये और 71.64 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

दिल्ली में पेट्रोल का दाम शनिवार को 59 पैसे, कोलकाता और मुंबई में 57 पैसे जबकि चेन्नई में 52 पैसे प्रति लीटर बढ़ गया जबकि डीजल के दाम में चारों महानगरों में क्रमश: 58 पैसे, 53 पैसे, 55 पैसे और 50 पैसे की वृद्धि हो गई।

पेट्रोल और डीजल के दाम में आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट (एनर्जी एंव करेंसी रिसर्च) अनुज गुप्ता पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी की तीन वजह गिनाते हैं। गुप्ता बताते हैं अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बीते करीब डेढ़ महीने से तेल के दाम में बढ़ोतरी मुख्य वजह है, वहीं घरेलू मुद्रा रुपये में आई कमजोरी भी वजह है। इसके अलावा वह बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद कर में भारी बढ़ोतरी की थी, लेकिन उस समय तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं की थी।

बीते महीने मई के आरंभ में सरकार ने पेट्रोल पर आठ रुपये प्रति लीटर इन्फ्रास्ट्रक्च र सेस और दो रुपये प्रति लीटर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी कर पेट्रोल पर कुल 10 रुपये प्रति लीटर शुल्क बढ़ा दिया। इसी प्रकार, डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर शुल्क बढ़ाया गया जिसमें आठ रुपये प्रति लीटर इन्फ्रास्ट्रक्च र सेस और पांच रुपये प्रति लीटर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी शामिल है।

भारत समेत दुनिया के अन्य देशों में लॉकडाउन खुलने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियां पटरी पर लौटने लगी है जिससे तेल की खपत मांग बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है जिससे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में बीते दिनों भारी तेजी आई है। अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज पर बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का अगस्त वायदा अनुबंध 22 अप्रैल को 15.98 डॉलर प्रति बैरल तक गिरा था जबकि बीते शुक्रवार को 38.95 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। इस प्रकार, ब्रेंट क्रूड के दाम में 22 अप्रैल के बाद 143.73 फीसदी की तेजी आई है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।