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जालान-फ्रिट्च ने जेट एयरवेज के अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित बोली जीती

October 17th, 2020 20:00 IST
 जालान-फ्रिट्च ने जेट एयरवेज के अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित बोली जीती

हाईलाइट

  • जालान-फ्रिट्च ने जेट एयरवेज के अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित बोली जीती

नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। लंबे समय से वित्तीय संकट का सामना करते हुए दिवालिया हो चुकी निजी एयरलाइन जेट एयरवेज के विमान एक बार फिर से उड़ान भरेंगे। जेट एयरवेज ने शनिवार को कहा कि मुरारी लाल जालान और फ्लोरियन फ्रिट्च की ओर से प्रस्तुत संकल्प योजना ने एयरलाइन का अधिग्रहण करने के लिए बोली जीत ली है।

घोषणा जेट एयरवेज के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आरपी) की ओर से की गई है, जो एक विनियामक फाइलिंग के माध्यम से दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी) प्रक्रिया के तहत है।

जेट एयरवेज के आरपी आशीष छावछरिया ने कहा कि लेनदारों की समिति ने दो शॉर्टलिस्ट किए गए बोलीदाताओं द्वारा प्रस्तुत अंतिम प्रस्ताव योजनाओं पर ई-वोटिंग का निष्कर्ष निकाला है।

स्टॉक एक्सचेंज को यह जानकारी (विनियामक फाइलिंग) ने कहा गया है, ई-वोटिंग आज यानी 17 अक्टूबर 2020 को पूरी हो गई है और मुरारी लाल जालान और फ्लोरियन फ्रिट्च द्वारा प्रस्तुत संकल्प योजना को विधिवत मंजूरी दे दी गई है।

इसमें कहा गया है, रेज्योलूशन प्रोफेशनल्स अब एनसीएलटी के मुताबिक कोड 30 (6) के तहत आवेदन (एप्लिकेशन) फाइल कर रहे हैं। अगर जरूरत पड़ी तो यह सदस्यों को भी दिया जाएगा।

जेट एयरवेज की कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) की 17वीं बैठक तीन अक्टूबर को आयोजित की गई थी और दो रिजॉल्यूशन आवेदकों द्वारा प्रस्तुत अंतिम प्रस्ताव योजनाओं पर चर्चा की गई थी।

जेट एयरवेज को खरीदने के लिए कॉलराक कैपिटल के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम के अलावा हरियाणा की फ्लाइट सिमुलेशन टेक्निक सेंटर और अबू धाबी का इम्पीरियल कैपिटल इन्वेस्टमेंट एलएलसी वाले कंसोर्टियम ने भी बोली लगाई थी।

मुरारी लाल जालान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की एंटरप्रेन्योर है। जालान एमजे डेवलपर्स कंपनी के मालिक हैं। इनकी रियल एस्टेट, माइनिंग, ट्रेडिंग, कंस्ट्रक्शन, एफएमसीजी, ट्रेवल एंड टूरिज्म और इंडस्ट्रियल वर्क्‍स जैसे सेक्टर्स में रुचि है।

जालान ने यूएई, भारत, रूस और उज्बेकिस्तान समेत कई देशों में निवेश किया है।

कालरॉक कैपिटल लंदन की फाइनेंशियल एडवाइजरी और अल्टरनेटिव असेट मैनेजमेंट से जुड़ा कारोबार करती है। यह कंपनी रियल एस्टेट और वेंचर कैपिटल से मुख्य रूप से जुड़ी है।

एकेके/एसजीके

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।