comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

SBI ने बदला नियम, अब दूसरे के बैंक खाते में पैसा जमा करने के लिए लेनी होगी अनुमति

September 10th, 2018 21:18 IST

हाईलाइट

  • भारतीय स्टेट बैंक ने पैसे जमा करने के नियमों में किया बदलाव
  • अब बैंक खाताधारक के खाते में पैसे जमा करने के लिए खाताधारक से लेनी होगी अनुमति
  • ऑनलाइन प्रक्रिया में लागू नहीं होगा नियम

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अब आप SBI बैंक खाताधारक के खाते में सीधे पैसे जमा नहीं करा पाएंगे। बैंक खातों की सुरक्षा के लिहाज से भारतीय स्टेट बैंक ने पैसे जमा करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत अब किसी के खाते में कोई दूसरा शख्स पैसे नहीं जमा करा पाएगा। अगर किसी पिता को अपने बेटे के SBI खाते में पैसा जमा कराने है तो पहले खाताधारक से एक अनुमति पत्र लेना होगा। उसके बाद ही आप पैसा जमा करा पाएंगे।

आयकर विभाग का बैंको से अनुरोध 
आयकर विभाग ने सरकारी बैंकों से अनुरोध किया है कि वे ऐसे नियम बनाएं कि कोई दूसरा शख्स किसी के बैंक खाते में नकद रुपए नहीं जमा करा पाए, ताकि कोई व्यक्ति अपने बैंक खाते में जमा पैसे के बारे में अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से बच न सके। बैंक का कहना है कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद से आतंकी फंडिंग पर भी लगाम लगने की उम्मीद है।

पारदर्शिता के चलते नियमों में बदलाव 
एसबीआई का तर्क है कि नोटबंदी के दौरान कई बैंक खातों में बड़ी संख्या में हजार और पांच सौ नोट जमा किए गए थे। अब जांच के बाद जब लोगों से इतने सारे नोटों के बारे में पूछा जा रहा है तो उनका कहना है कि किसी अनजान शख्स ने उनके बैंक खातों में पैसे जमा करा दिए हैं। उनका उससे कोई लेना-देना नहीं है। रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी के बाद कई खाताधारकों के खाते में भारी मात्रा में पैसा जमा किया था। जिसकी जानकारी खाता धारकों को नहीं थी। 

इस प्रक्रिया से जमा करें पैसा 
उदाहरण के तौर पर अगर खाताधारक 'A' खाताधारक 'B' के बैंक खाते में नकदी जमा करना चाहते हैं तो 'A' को 'B' से एक अनुमति लेटर लिखवाना होगा, जिसपर 'B' का हस्ताक्षर भी होगा। इसके अलावा बैंक काउंटर पर नकदी के साथ दी जाने वाली जमा फॉर्म पर बैंक खाता धारक का हस्ताक्षर होना चाहिए। इन दो परिस्थितियों में ही कोई दूसरा शख्स किसी के बैंक खाते में नकदी जमा कर पाएगा। इसके अलावा बैंक काउंटर पर नकदी के साथ दी जाने वाली जमा फॉर्म पर बैंक खाता धारक का हस्ताक्षर होना चाहिए।

यहां लागू नहीं होगा नियम 
एसबीआई का ये नियम सिर्फ ऑफ लाइन प्रक्रिया पर लागू होगा। अगर कोई ऑनलाइन किसी के बैंक खाते में पैसे जमा कराना चाहता है तो वह इसके लिए स्वतंत्र है। यहां नया नियम लागू नहीं होगा।एसबीआई का कहना है कि इसके अलावा अगर ग्रीन कार्ड और इंस्टा डिपॉजिट कार्ड है तो कोई भी व्यक्ति इस कार्ड के जरिये उसके खाते में बैंक जाकर या कैश डिपॅाजिट मशीन से पैसा जमा कर सकता है।
 

कमेंट करें
OHrxg
कमेंट पढ़े
Rajesh Sejwal l i c agents September 14th, 2018 21:32 IST

Bharatpur kahan h

sanjeev September 10th, 2018 12:38 IST

pagal panti hai ye sbi ke....

NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।