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भगौड़ा बिल के तहत पहली कार्यवाही, नीरव-मेहुल को समन जारी

July 27th, 2018 14:24 IST

हाईलाइट

  • भगौड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक-2018 के तहत पहली कार्यवाही की गई है।
  • पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को पीएमएलए कोर्ट ने समन जारी किया है।
  • समन में नीरव को 25 और मेहुल को 26 सितंबर को अदालत के सामने पेश होने को कहा गया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राज्यसभा में बुधवार को ही भगौड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक-2018 पास किया गया है। इस कानून के तहत पहली कार्यवाही पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ की गई है। गुरुवार को प्र‍िवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्र‍िंग एक्ट (PMLA) कोर्ट ने दोनों के खिलाफ समन जारी किया है।

ED की अपील पर समन
इस समन में नीरव को 25 और मेहुल को 26 सितंबर को अदालत के सामने पेश होने को कहा गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर कोर्ट की तरफ से यह आदेश जारी किया गया है। ईडी ने इन दोनों के ख‍िलाफ नये भगोड़ा आर्थ‍िक अपराधी कानून के तहत कड़ी कार्यवाही करने की अपील की है। इनके खिलाफ अब मामला भगोड़ा आर्थ‍िक अपराधी कानून के तहत चलेगा।

बुधवार को राज्यसभा में पास हुआ विधेयक
बता दें कि भगौड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक, 2018 बुधवार को राज्यसभा में पारित किया गया था। इस विधेयक में एजेंसियों को आर्थिक अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का अधिकार दिया गया है। विधेयक के प्रोविजन तीन में कहा गया है कि इस कानून के अस्तित्व में आने के दिन जो भी व्यक्ति भगौड़ा आर्थिक अपराधी है या भविष्य में भगौड़ा आर्थिक अपराधी बनता है उस पर यह कानून लागू होगा।  पिछले गुरुवार को लोकसभा में ये बिल पास किया गया था। इस बिल ने अप्रैल 2018 में लाए गए अध्यादेश का स्थान लिया है।

क्या है पीएनबी घोटाला?
पंजाब नेशनल बैंक में 13,400 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया था। ये घोटाला बैंक की मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में हुआ था। फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LOUS) के जरिए इस पूरे फ्रॉड को अंजाम दिया गया था। इस घोटाले का खुलासा तब हुआ, जब PNB के भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी रिटायर हो गए और नीरव मोदी की कंपनी ने जनवरी में दोबारा से LOU जारी करने की सिफारिश की। घोटाले के खुलासे के बाद डायमंड किंग नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स के प्रमोटर मेहुल चौकसी के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।