दैनिक भास्कर हिंदी: रुपए में गिरावट पर शीघ्र कार्रवाई की जरूरत नहीं, पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार : पीयूष गोयल

June 30th, 2018

हाईलाइट

  • गुरुवार को डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए ने 69.05 के ऐतिहासिक निम्नतम स्तर को छुआ।
  • रुपये का ये स्तर 24 नवंबर, 2016 को देखा गया था।
  • विचार विमर्श के बाद ही उचित कदम उठाया जाएगा - गोयल

 

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली । 19 महीने में डॉलर के मुकाबले रुपए में आई भारी गिरावट के बाद केंद्रीय मंत्री और फिलहाल वित्त मंत्रालय का कामकाज संभाल रहे पीयूष गोयल ने कहा है कि इसमें घबराने की जरूरत नहीं है और ही इस पर किसी भी तरह की शीघ्र कार्रवाई की जरूरत है। ये गिरावट तात्कालिक है। गुरुवार को डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए ने 69.05 के ऐतिहासिक निम्नतम स्तर को छुआ। हालांकि बाद में रुपए की स्थिति में मामूली सुधार हुआ और ये 18 पैसे की गिरावट के साथ 68.79 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ, लेकिन 68.73 ऐतिहासिक निम्नतम क्लोजिंग रही थी। रुपये का ये स्तर 24 नवंबर, 2016 को देखा गया था।

 

 

विचार विमर्श के बाद ही उचित कदम उठाया जाएगा - गोयल

गोयल ने ये भी बताया कि घरेलू मुद्रा की विनिमय दर को लेकर किसी शीघ्र कार्रवाई की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा है कि वैश्विक कारकों को ध्यान में रखते हुए सभी हितधारकों से विचार विमर्श के बाद ही उचित कदम उठाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि देश के पास पर्याप्त मात्रा में विदेशी मुद्रा भंडार मौजूद है।

 

 

डॉलर की तेजी से भारत को परेशान होने की जरूरत नहीं 

रुपए में तेजी का कारण बैंकों और निर्यातकों की ओर से अमेरिकी मुद्रा की हालिया बिकवाली है। इसका एक कारण कमजोर वैश्विक संकेत और महंगाई को लेकर चिंता भी है। साथ ही शुक्रवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत से भी रुपये को समर्थन मिला है। इससे पहले रेटिंग एजेंसी मूडीज ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में आई गिरावट पर जारी एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत उन पांच देशों में शामिल है जो अमेरिकी डॉलर में आई तेजी से सबसे कम प्रभावित होंगे। चूंकि भारत की अर्थव्यवस्था विदेशी मुद्रा की आवक पर बहुत कम निर्भर है इसलिए डॉलर की तेजी से उसे बहुत ज्यादा परेशान नहीं होनी चाहिए।
 

 

स्विस बैंकों में बढ़ते भारतीयों के पैसों पर भी बोले गोयल

 

 

वैसे गुरुवार को स्विट्जरलैंड ने स्विस बैंकों में भारतीयों के जरिए रखे गए रुपयों का डेटा जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि 2017 में ये पैसा 50% से बढ़कर 1.01 अरब सीएचएफ (7,000 करोड़ रुपये) हो गया है।  पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और स्विट्ज़रलैंड के बीच समझौता है। 1 जनवरी 2018 वित्त साल के खत्म होने तक सारा डेटा हमें उपलब्ध कराया गया। तो अभी से इस पर किसी भी तरह का अनुमान नहीं लग रहा है।