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पी चिदंबरम ने NDA सरकार पर लगाया आंकड़ों में फेरबदल करने का आरोप

August 20th, 2018 00:07 IST
पी चिदंबरम ने NDA सरकार पर लगाया आंकड़ों में फेरबदल करने का आरोप

हाईलाइट

  • चिदंबरम ने NDA सरकार पर आंकड़ों में फेरबदल का आरोप लगाया है।
  • चिदंबरम ने कहा UPA -1 में GDP में 8.36 फीसदी की वृद्धि हुई थी।
  • चिदंबरम ने NDA सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने NDA सरकार पर आंकड़ों में फेरबदल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार ने आंकड़ों को गिनते वक्त बेस वर्ष 2011-12 कर दिया, जबकि यह 2004-05 था। उस वक्त कांग्रेस की सरकार थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने यह वृद्धि दर उस वक्त हासिल की थी, जब पूरी दुनिया में मंदी छाई हुई थी। कांग्रेस नेता ने कहा कि 2005-06, 2006-07 और 2007-08 में UPA सरकार के वक्त देश के GDP मे सबसे शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली।

कांग्रेस नेता ने कहा कि साल 2000 में NDA कार्यकाल के दौरान भारत की ग्रॉस डॉमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) में 5.68 फीसदी की औसत बढ़ोतरी हुई थी। वहीं मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली UPA-1 में GDP में 8.36 फीसदी की वृद्धि हुई थी। जबकि UPA-2 में GDP में 7.68 फीसदी की बढ़ौतरी दर्ज की गई। चिदंबरम ने NDA सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।

 


चिदंबरम ने NDA की वर्तमान सरकार को बेहद कमजोर बताते हुए कहा कि 2014 में जब सरकार बनी तो इकोनॉमी बहुत अच्छी थी। वहीं मौजूदा सरकार की कुछ गलत नीतियों ने देश की इकोनॉमी को नीचे गिरा दिया। इसी वजह से शुरुआती दो साल अच्छे इकोनॉमी के बावजूद वे इसे जारी नहीं रख सके। चिदंबरम ने सरकार की डिमॉनेटाइजेशन और GST पॉलिसी पर हमला करते हुए कहा कि इन दो वजहों से देश का विकास पटरी से उतर गया।

बता दें कि हाल ही में सरकार की तरफ से कुछ आंकड़ों को जारी किया गया था। यह रिपोर्ट नेशनल स्टैटिस्टिकल कमीशन द्वारा जारी की गई थी। इस रिपोर्ट में पुराने चेन (2004-05) और नये चेन (2011-12) के कीमतों पर आधारित बढ़ोतरी की तुलना की गई है। इस रिपोर्ट के आने के बाद से NDA और UPA दोनों ही दलों में खुद को बेहतर बताने की होड़ लगी हुई है। वहीं नेशनल स्टैटिस्टिकल कमीशन ने भी रविवार को कहा कि यह फाइनल रिपोर्ट नहीं है। इसे और संशोधित किया जाना बाकी है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।