comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

Fuel Price: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से आमजन को मिली राहत, जानें क्या हैं आज के दाम

Fuel Price: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से आमजन को मिली राहत, जानें क्या हैं आज के दाम

हाईलाइट

  • पेट्रोल की कीमत में नहीं हुआ बदलाव
  • डीजल की कीमत भी है जस की तस
  • आगामी दिनों में बढ़ सकती है कीमत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में पेट्रोल-डीजल (Petrol- Diesel) की कीमतें ऐतिहासिक ऊँचाई पर जा पहुंची हैं। ऐसे में आमजन की समस्या बढ़ती जा रही हैं। देश के कई राज्यों में ईंधन के दाम में बेतहाशा वृद्धि को लेकर प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। हालांकि आज (22 फरवरी, सोमवार) लगातार दूसरे दिन भारतीय तेल विपणन कंपनियों (IOC, HPCL & BPCL) ने दोनों ईंधन की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है।

आपको बता दें कि इससे पहले लगातार 12 दिनोंं से देश में पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी जारी रही। आखिरी बार पेट्रोल की कीमत 38 से 39 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं डीजल भी 37 से 39 पैसे प्रति लीटर तक महंगा हुआ था। फिलहाल जानते हैं आज के दाम:- 

भारत में बिटक्वाइन पर लग सकता है बैन, RBI ला सकती है डिजिटल करंसी

पेट्रोल- डीजल की कीमत
इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार आज देश की राजधानी दिल्ली सहित आर्थिक राजधानी मुंबई और महानगर कोलकाता व चैन्नई में पेट्रोल डीजल के दाम एतिहासिक स्तर पर पहुंच गए हैं। इनकी कीमत इस प्रकार हैं:-

महानगर

पेट्रोल      

डीजल

दिल्ली 

90.58 रुपए प्रति लीटर

80.97 रुपए प्रति लीटर

मुंबई

97.00 रुपए प्रति लीटर

88.06 रुपए प्रति लीटर

कोलकाता 

91.78 रुपए प्रति लीटर

84.56 रुपए प्रति लीटर

चैन्नई

92.59 रुपए प्रति लीटर

85.98 रुपए प्रति लीटर

विश्व बैंक ने कृषि को बढ़ावा देने के लिए परियोजना पर हस्ताक्षर किए

ऐसे जानें अपने शहर में ईंधन की कीमत
पेट्रोल-डीजल की रोज की कीमतों की जानकारी आप SMS के जरिए भी जान सकते हैं। इसके लिए इंडियन ऑयल के उपभोक्ता को RSP लिखकर 9224992249 नंबर पर भेजना होगा। वहीं बीपीसीएल उपभोक्ता को RSP लिखकर 9223112222 नंबर पर भेजना होगा, जबकि एचपीसीएल उपभोक्ता को HPPrice लिखकर 9222201122 नंबर पर भेजना होगा, जिसके बाद ईंधन की कीमत की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। 

कमेंट करें
IfujQ
कमेंट पढ़े
Mohit Jain February 25th, 2021 12:34 IST

Petrol price gold price ki tarh bhad rahe hai lagta hai ek din petrol bhi bank me jama krana pdega

NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।