दैनिक भास्कर हिंदी: मास्टरकार्ड भारत में जारी नहीं कर सकेगा नए कार्ड, आरबीआई ने नियमों का पालन नहीं करने पर रोक लगाई

July 14th, 2021

हाईलाइट

  • मास्टरकार्ड एशिया पर आरबीआई की कार्रवाई
  • नए घरेलू ग्राहक को शामिल करने पर लगाया प्रतिबंध
  • मास्टरकार्ड ने आरबीआई के नियमों का पालन नहीं किया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को मास्टरकार्ड एशिया को अपने कार्ड नेटवर्क पर किसी भी नए घरेलू ग्राहक को शामिल करने से प्रतिबंधित कर दिया। इसका मतलब यह होगा कि मास्टरकार्ड भारत में ग्राहकों को कोई नया कार्ड जारी नहीं कर पाएगा। एक बयान में, आरबीआई ने स्पष्ट किया कि पेमेंट सिस्टम डेटा के स्टोरेज पर आरबीआई के निर्देश का पालन नहीं करने पर ये कदम उठाया गया है।

अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉर्प और डाइनर्स क्लब इंटरनेशनल लिमिटेड के बाद मास्टरकार्ड अब इस तरह के प्रतिबंधों का सामना करने वाला तीसरा प्रमुख पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर बन गया है। इसी तरह के प्रतिबंध इस साल 1 मई को अन्य दो पेमेंट सिस्टम ऑपरेटरों पर लगाए गए थे। आदेश के अनुसार मास्टरकार्ड पर प्रतिबंध इसी साल 22 जुलाई से लागू होगा। आरबीआई ने स्पष्ट किया कि उसके आदेश का मास्टरकार्ड के मौजूदा ग्राहकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

आरबीआई ने कहा, 'काफी समय व्यतीत होने और पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद, एनटाइटी को पेमेंट सिस्टम डेटा के स्टोरेज का अनुपालन नहीं करने वाला पाया गया है।' आरबीआई ने कहा 'मास्टरकार्ड को सभी कार्ड जारी करने वाले बैंकों और गैर-बैंकों को इन निर्देशों का पालन करने की सलाह देगा होगा। भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (पीएसएस अधिनियम) की धारा 17 के तहत आरबीआई में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए सुपरवाइजरी एक्शन लिया गया है।'

केंद्रीय बैंक ने कहा कि पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर मास्टरकार्ड आरबीआई के भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत कार्ड नेटवर्क संचालित करने के लिए अधिकृत है। आरबीआई ने 6 अप्रैल, 2018 को 'स्टोरेज ऑफ पेमेंट सिस्टम डेटा' पर अपने सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा कि सभी पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर प्रोवाइडरों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया था कि उनका पेमेंट सिस्टम से संबंधित संपूर्ण डेटा केवल भारत में सिस्टम पर स्टोर है।

डेटा में अन्य प्रमुख विवरणों के साथ-साथ संपूर्ण लेनदेन विवरण, ग्राहक जानकारी और भुगतान निर्देश शामिल थे।
उस समय, आरबीआई ने सर्कुलर का पालन करने के लिए पेमेंट सिस्टम ऑपरेटरों को छह महीने का समय दिया था। मास्टरकार्ड सहित अन्य पेमेंट सिस्टम ऑपरेटरों को आरबीआई को कम्पलाइंस की रिपोर्ट करने और बोर्ड अप्रूव्ड सिस्टम ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। सीईआरटी-इन पैनल में शामिल ऑडिटर से इसे करवाना था।

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