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ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फेल, प्राइवेट बैंकों के बंद होने की फैली अफवाह, ये थी असली वजह

ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फेल, प्राइवेट बैंकों के बंद होने की फैली अफवाह, ये थी असली वजह

हाईलाइट

  • प्राइवेट सेक्टर के बैंकों को लेकर फैली अफवाहों के इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं दोबारा रिस्टोर कर दी गई
  • मंगलवार को हजारों ग्राहकों के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फेल हो गए थे
  • ट्रांजैक्शन फेल होने की असली वजह बैंकों का सर्वर डाउन होना था

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। प्राइवेट सेक्टर के बैंकों को लेकर फैली अफवाहों के बाद बुधवार को इन बैंकों की इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं दोबारा से रिस्टोर कर दी गई। दरअसल, मंगलवार को  हजारों ग्राहकों के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फेल हो गए जिससे बैंकों के बंद होने की अफवाहें फैलने लगी। ये घटना ऐसे समय में हुई जब पहले ही लोग पीएमसी बैंक के ऑपरेशन बंद होने से अकाउंट में जमा अपने पैसों को लेकर चिंतित है। हालांकि बाद में इसकी असली वजह सामने आ गई।

प्राइवेट बैंकों के शेयरों में मंगलवार को जबरदस्त गिरावट देखी गई। जिस वक्त ये शेयर गिर रहे थे उस वक्त प्राइवेट बैंकों के हजारों खाताधारकों के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फेल होने लगे। लोग ट्रांजैक्शन फेल होने पर बताने लगे कि वे किराया देने, स्कूल फी भरने और दूसरी जरूरतों के लिए पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं। जिन प्रमुख निजी बैंकों के ग्राहकों के ट्रांजैक्शन फेल हो रहे थे उनमें यस बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और आईडीएफसी फ़र्स्ट बैंक थे।

इससे सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें फैल गई। ग्राहकों को अपने अकाउंट में जमा पैसों की चिंता होने लगी। हालांकि बाद में ट्रांजैक्शन फेल होने की असली वजह भी सामने आ गई। दरअसल ऑनलाइन पेमेंट पर ऑफर्स और 1 तारीख को सैलरी क्रेडिट किए जाने से ट्राफिक काफी बढ़ गया था। इससे बैंक का सर्वर डाउन हो गया और ट्रांजैक्शन फेल होने लगे।

बैंकों ने बयान जारी कर कहा, 'ई-कॉमर्स साइटों पर ऑनलाइन पेमेंट पर दिए जा रहे ऑफर और 1 तारीख को वेतन भुगतान दिवस की वजह से सर्वर डाउन हो गया। इसकी वजह से ग्राहकों को इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा। इससे निपटने के लिए अतिरिक्त सर्वर डिप्लॉय किए जा रहे हैं।'

स्थिति को भांपते हुए रिजर्व बैंक ने भी तुरंत बयान जारी किया। आरबीआई ने बैंकों के बंद होने की अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान न देने के लिए कहा। आरबीआई ने कहा, 'सहकारी बैंकों सहित कुछ बैंकों को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। इससे बैंकों में पैसे जमा करने वाले लोग चिंतित हैं। केंद्रीय बैंक आम लोगों को आश्वस्त करना चाहता है कि भारतीय बैंक प्रणाली सुरक्षित और स्थिर है। ऐसी अफवाहों को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।' 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।