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दिल्ली के सदर बाजार को वोकल फॉर लोकल के लिए तय करना होगा लंबा रास्ता (आईएएनएस विशेष)

September 01st, 2020 23:30 IST
 दिल्ली के सदर बाजार को वोकल फॉर लोकल के लिए तय करना होगा लंबा रास्ता (आईएएनएस विशेष)

हाईलाइट

  • दिल्ली के सदर बाजार को वोकल फॉर लोकल के लिए तय करना होगा लंबा रास्ता (आईएएनएस विशेष)

नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल ही में स्थानीय खिलौनों के बारे में मुखर अपील ने सदर बाजार, दिल्ली के प्रतिष्ठित थोक खिलौना बाजार में मिश्रित भावनाओं को जन्म दिया है।

भारत द्वारा आयातित खिलौनों पर सख्त गुणवत्ता अनुपालन आवश्यकताओं की घोषणा करने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने 23 अगस्त को भारतीय खिलौनों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। इसमें नए डिजाइन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया। हालांकि दिल्ली के लोकप्रिय खिलौना बाजार में कई हितधारक इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के बारे में संदेह में हैं। इस बाजार में मुख्य रूप से सस्ते चीनी खिलौनों का प्रभुत्व है।

सदर बाजार, पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक की ओर जाने वाली खारी बावली सड़क के पश्चिमी किनारे पर स्थित है, जो राजधानी का सबसे बड़ा खिलौना बाजार है। फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के महासचिव राजेंद्र शर्मा के अनुसार, राष्ट्रव्यापी बंद से पहले सदर बाजार में बिकने वाले 70 प्रतिशत खिलौने चीन निर्मित होते थे और सीमा तनाव के बावजूद, चीनी उत्पाद अभी भी बाजार का हिस्सा बने हुए हैं। ट्रेडर्स एसोसिएशन के साथ 80 संगठन जुड़े हुए हैं।

शर्मा ने कहा कि सपने और वास्तविकता के बीच एक बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा, भारतीय खिलौना निर्माताओं के लिए मुख्य समस्या एक कारखाना स्थापित करने में आने वाली कठिनाइयां हैं। जमीन पर अधिकारी इतनी सारी समस्याएं पैदा कर देते हैं कि कोई भी व्यवसाय शुरू करने की इच्छा नहीं रखता है। सबसे पहले, प्रधानमंत्री को व्यवसाय के लिए अनुकूल माहौल बनाना चाहिए। सरकार को इसकी आवश्यकता है।

शर्मा ने आईएएनएस को बताया, इसे व्यवसाय के अनुकूल बनाने के लिए मिशन मोड में काम करना चाहिए। इसके बाद खिलौना उद्योग के लिए नीतियों में संशोधन की जरूरत है।

शर्मा ने कहा कि देश में खिलौना उद्योग को आत्मनिर्भर भारत में शामिल होने से पहले एक लंबा रास्ता तय करना है। इस पर उन्होंने टेडी बियर का उदाहरण दिया। शर्मा ने कहा, भारत में निर्मित टेडी बियर के लिए कच्चा माल चीन से आता है। अब आप ही तय करें कि चीनी सामग्री वाला उत्पाद मेड इन इंडिया होगा या मेड इन चाइना होगा। इसके अलावा चीनी टेडी बियर सस्ते और आकर्षक हैं, जिससे आसानी से बच्चे आकर्षित होते हैं।

दरअसल, चीनी खिलौने आकर्षक होने के साथ ही फीचर्स के मामले में भी काफी आगे हैं। आयरन मैन, बैटमैन और बेन-10 जैसे विख्यात किरदारों पर आधारित खिलौने की बहुत मांग है और चीन इनका बड़े पैमाने पर उत्पादन करता है। भारतीय घरेलू खिलौना निर्माण की चुनौती मानकों पर खरा उतरते हुए कम लागत में शानदार खिलौनों का उत्पादन करने की होगी।

कई थोक विक्रेताओं ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर आईएएनएस को बताया कि आम आदमी पार्टी (आप) शासित दिल्ली सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित दिल्ली नगर निगम के बीच समन्वय की कमी है, जिसके कारण बाजार में कानून-व्यवस्था बिगड़ गई है।

थोक विक्रेताओं में से एक ने कहा, बाजार में नियमित रूप से लोगों की जेब से सामान साफ कर लिया जाता है। महिलाएं अक्सर असुरक्षित महसूस करती हैं। जब तक इन मुद्दों पर संज्ञान नहीं लिया जाता, भारतीय थोक व्यापारी चीनी खिलौना निमार्ताओं के हिस्से में सेंध लगाने की उम्मीद नहीं कर सकते।

शर्मा का कहना है कि राष्ट्रव्यापी बंद और भारत-चीन सीमा संघर्ष ने स्थिति को और अधिक विकट कर दिया है। उन्होंने कहा, राष्ट्रव्यापी बंद से पहले हर महीने लगभग 200 कंटेनर आते थे। लेकिन जब से सीमा पर झड़प शुरू हुई है, तब से यह संख्या घटकर 20 रह गई है।

एकेके/एसजीके

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।