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Closing Bell: बाजार 6 साल के बाद निचले स्तर पर, सेंसेक्स 3,934 अंक लुढ़का और निफ्टी 7,610 के नीचे पहुंचा


हाईलाइट

  • सेंसेक्स 3,934.72 अंक या 13.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25981.24 पर बंद
  • निफ्टी 1,135.20 अंक या 12.98 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7610.25 पर बंद

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कोरोनावायरस के कारण शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 3,934.72 अंक या 13.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25981.24 पर और निफ्टी 1,135.20 अंक या 12.98 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7610.25 पर बंद हुआ। बाजार अगस्त 2014 के बाद निचले स्तर पर पहुंचा है। तेज गिरावट के साथ खुले बाजार में शुरुआती आधे घंटे के अंदर ही लोअर सर्किट लगाना पड़ा। हालांकि, 45 मिनट बाद बाजार में ट्रेडिंग फिर से शुरू हुई तो गिरावट और बढ़ गई। बाजार में 13 मार्च के बाद दूसरी बार लोअर सर्किट लगने की वजह से ट्रेडिंग 45 मिनट रुकी, लेकिन रिकवरी नहीं हो पाई।

इन शेयरों में रही गिरावट
एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक और बजाज फाइनेंस में गिरावट के साथ कारोबार हुआ। जबकि एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी और टीसीएस सबसे सक्रिय स्टॉक रहे।

क्या है लोअर सर्किट
बता दें कि शेयर बाजार में 10 फीसदी या उससे अधिक की गिरावट आती है, तो उसमें लोअर सर्किट लग जाता है और ट्रेडिंग कुछ देर के ल‍िए रोक दी जाती है। बीते 12 साल में दूसरी बार है, जब शेयर बाजार में ट्रेडिंग रोकी गई है। जबकि इतिहास में 6वीं बार लोअर सर्किट लगा। सेबी ने सर्किट के लिए तीन ट्रिगर लिमिट 10%, 15% और 20% तय की हैं। यानी उस वक्त बाजार जितने पर है, उसका 10%, 15% और 20% घटने-बढ़ने पर सर्किट लगता है। 

दोपहर 1 बजे से पहले शेयर बाजार 10% तक गिरता या चढ़ता है तो ट्रेडिंग 45 मिनट के लिए रोक दी जाती है। अगर 1 बजे के बाद 10% उतार-चढ़ाव होता है तो ट्रेडिंग केवल 15 मिनट के लिए रोकी जाती है। वहीं अगर दोपहर 1 बजे से पहले शेयर बाजार में 15% उतार-चढ़ाव आता है तो ट्रेडिंग 1 घंटे 45 मिनट के लिए कारोबार बंद कर दिया जाता है। अगर कारोबार के दौरान किसी भी वक्त शेयर बाजार में 20% या उससे ज्यादा का उतार-चढ़ाव आता है तो बचे हुए दिन के लिए ट्रेडिंग बंद कर दी जाती है।

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