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रेल बजट 2021: 46 हजार किलोमीटर रेल लाइन पर बिजली से दौड़ेंगी ट्रेनें, यहां पढ़ें रेलवे को क्या-क्या मिला

रेल बजट 2021: 46 हजार किलोमीटर रेल लाइन पर बिजली से दौड़ेंगी ट्रेनें, यहां पढ़ें रेलवे को क्या-क्या मिला

हाईलाइट

  • 46 हजार किलोमीटर रेलवे लाइन पर ट्रेनें बिजली से दौड़ेंगी
  • 2030 को ध्यान में रखते हुए नेशनल रेल प्लान पर तेजी से काम
  • कोच्चि, बेंगलुरु, चेन्नई, नागपुर, नासिक में मेट्रो प्रोजेक्ट को बढ़ावा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2021 पेश कर दिया है। निर्मला सीतारमण का ये तीसरा बजट था। कोरोना वायरस की वजह से इस बार का बजट कई मायने में अलग रहा। आम बजट के साथ 1,10,055 करोड़ रुपये का रेल बजट भी पेश किया। निर्मला सीतारमण ने बजट में रेलवे से जुड़े कुछ बड़े ऐलान किए हैं।

इस साल के बजट में रेल यात्रियों की सुविधाओं और सुरक्षा पर पूरा ध्यान दिया गया है। साथ ही देश के तमाम रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तरीय बनाने की भी घोषणा की गई है। इसके अलावा रेलवे में प्राइवेट निवेश बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी पूरा जोर दिया गया है। 

कोरोना महामारी और पिछले साल लॉकडाउन के कारण देश को आर्थिक तौर पर काफी घाटा हुआ है। जिसके कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भारी झटका लगा है। क्योंकि मार्च 2020 से फुल स्केल सर्विस का संचालन नहीं किया गया है। इससे पहले, रेल बजट और केंद्रीय बजट को अलग-अलग पेश किया गया था। हालांकि, लंबे समय से चली आ रही प्रथा 2016 में बीजेपी सरकार ने समाप्त कर दी। 

इस साल भारतीय रेलवे के लिए 1,10,055 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है, जिसमें 1,07,100 करोड़ रुपये केवल कैपीटल व्यय के लिए दिए है। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि 46 हजार किलोमीटर रेलवे लाइन पर ट्रेनें बिजली से दौड़ेंगी। इसके अलावा नेशनल रेल प्लान (एनआरपी) 2030 के ड्राफ्ट पर तेजी से काम किया जा रहा है।

देश में सिर्फ एक ही अंडर कंस्ट्रक्शन बुलेट ट्रेन परियोजना है, जो मुंबई को अहमदाबाद से जोड़ेगी। निर्मला सीतारमण ने कोरोना महामारी के बाद पहली बार संसद में बजट पेश किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट ऐसी परिस्थितियों में तैयार किया गया है जो आज से पहले हमने कभी नहीं देखी थी, 2020 में हमने कोविड-19 की वजह से क्या-क्या देखा है उसका कोई उदाहरण नहीं है। 

वित्त मंत्री का रेलवे क्षेत्र में ऐलान

  • 46 हजार किलोमीटर रेलवे लाइन पर ट्रेनें बिजली से दौड़ेंगी।
  • सरकार को कुछ तेजस ट्रेनों, कृषि वस्तुओं को स्थानांतरित करने के लिए एक समर्पित रेलवे लाइन और रेलवे के कुछ बुनियादी ढांचे के अपग्रेड की भी उम्मीद है।
  • 2030 को ध्यान में रखते हुए नेशनल रेल प्लान पर तेजी से काम।
  • सरकार हाई स्पीड निजी ट्रेनों को शुरू करने पर भी ध्यान केंद्रित करने की संभावना है, जो प्रमुख पर्यटन केंद्रों, तीर्थ स्थलों और अन्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ेगी।
  • रेलवे के 'सुरक्षा कोष' के लिए आवंटन बढ़ाना जिससे दुर्घटनाओं को रोका जा सके और सुरक्षा में वृद्धि भी संभव हो।
  • चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण के लिए 63 हजार करोड़ आवंटित।
  • रेलवे को 2030 तक पूरी तरह से हरे रंग में बदलने की योजना को बढ़ावा देने के लिए 'ग्रीन रेलवे' परियोजनाओं के लिए एक विशेष आवंटन भी कर सकता है।
  • वित्त मंत्री ने रेलवे और मेट्रो के लिए बड़ा ऐलान किया है। भारतीय रेलवे के अलावा मेट्रो और सिटी बस सेवा को बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा। इसके लिए 18 हजार करोड़ रुपये की लागत लगाई जाएगी। मेट्रो लाइट को लाने पर जोर दिया जा रहा है। कोच्चि, बेंगलुरु, चेन्नई, नागपुर, नासिक में मेट्रो प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने का ऐलान किया गया है।

भारतीय रेलवे की प्राथमिकताओं के बारे में बात करते हुए, एफएम ने पूर्वी और पश्चिमी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर के चालू होने की बात कही। उन्होने कहा कि इंडस्ट्री के लिए माल रेल भाड़ा कम करने के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। जून 2022 तक वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC and EDFC) को लागू कर दिया जाएगा। आगे उन्होंने बताया कि 2021-22 में ईसटर्न डीएफसी का 263 किलोमीटर लंबा सोननगर गोमो ब्लॉक का पीपीपी मोड में शुरू किया जाएगा। 

रेल बजट 2021 ने, दिसंबर 2023 तक ब्रॉड गेज नेटवर्क के 100% इलेक्ट्रीफिकेशन के लिए नेशनल ट्रांसपोर्टर प्लान पर भी प्रकाश डाला। पेसेंजर्स फंर्ट पर, सीतारमण ने कहा कि फेसेलिटी बढ़ाने के लिए नए विस्टाडोम एलएचबी कोच पर्यटक मार्गों पर ट्रेनों से जोडें जाऐंगे। वित्त मंत्री के अनुसार, भारतीय रेलवे के सुरक्षा उपायों के पिछले कुछ वर्षों में परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि उच्च डेन्सिटी नेटवर्क और अत्यधिक उथल-पुथल वाले मार्गों पर ट्रेनों की सुरक्षा के लिए एक स्वदेशी एंटी कोलिजन सिस्टम लगाया जाएगा।

पीयूष गोयल की अगुवाई वाली भारतीय रेलवे ने हाल ही में राष्ट्रीय रेल योजना 2024 का अनावरण किया, जो इस बात का संकेत देता है कि रेल बजट 2021 किस पर केंद्रित होगा। भारतीय रेलवे, स्टेशनों को अपग्रेड करने और नेटवर्क पर ट्रेनों को चलाने के लिए प्राइवेट क्षेत्रों को बड़े पैमाने पर आमंत्रित करना चाहता है। भारत का पहला "निजी रेलवे स्टेशन" - मध्य प्रदेश में हबीबगंज - पीपीपी मोड के तहत अपने पहले चरण के पूरा होने के करीब है। इसके अलावा, भारतीय रेलवे इस वर्ष के पहले 6 महीनों में 150 निजी ट्रेनों की परियोजना को अंतिम रूप देने की उम्मीद कर रहा है।


 


 


 

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