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अडानी के उत्थान से पूंजी कुछ ही हाथों में रहने की आशंका : फाइनेंसियल टाइम्स

November 13th, 2020 15:00 IST
 अडानी के उत्थान से पूंजी कुछ ही हाथों में रहने की आशंका : फाइनेंसियल टाइम्स

हाईलाइट

  • अडानी के उत्थान से पूंजी कुछ ही हाथों में रहने की आशंका : फाइनेंसियल टाइम्स

नई दिल्ली, 13 नवंबर (आईएएनएस)। फाइनेंसियल टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि गौतम अडानी का बढ़ता व्यापारिक साम्राज्य आलोचनाओं का केंद्र बन गया है। कुछ लोग मानते हैं कि पूंजी भारत के मध्य वर्ग की कीमत पर कुछ ही कॉपोर्रेट घरानों में केंद्रित होती जा रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ लोग ये दलील देते हैं कि आथिर्क शक्ति कुछ परिवार संचालित कॉरपोरेट घरानों में होने से भारत के आर्थिक विकास को तेज गति मिल सकती है। जैसा कि दक्षिण कोरिया में हुआ। लेकिन आलोचकों का कहना है कि राज्य की संपत्ति कुछ ही हाथों में सिमित होने से एकाधिकार बढ़ रहा है और प्रतिस्पर्धा घट रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि क्या भारत में औद्योगिकीकरण 20 वीं सदी के अंत में अमेरिका जैसा हो जाएगा, जहां तेल के बड़े कारोबारी जैसे मैग्नेट जॉन डी. रॉकफेलर ने अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव छोड़ा, या 1990 के दशक के रूस की तरह हो जाएगा? अडानी की नए करार करने की भूख और राजनीतिक पहुंच ये बात सुनिश्चित करती है कि वो आगे एक केंद्रीय भूमिका निभाएंगे।

ऑस्ट्रेलिया में स्थित एक ऊर्जा विश्लेषक टिम बकले ने कहा, गौतम अडानी बहुत शक्तिशाली हैं, राजनीतिक रूप से बहुत अच्छी पहुंच रखते हैं और उस शक्ति का उपयोग करने में माहिर हैं। फाइनेन्सियल टाइम्स ने कहा कि अडानी ग्रुप ने इस लेख के लिए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

डेटालिक के आंकड़ों के अनुसार, 11 नवंबर तक अडानी ग्रुप का कुल बकाया ऋण 30 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है, जिसमें 7.8 बिलियन डॉलर का बांड और 22.3 बिलियन डॉलर का ऋण शामिल है। इतना कर्ज कोई नई बात नहीं है, लेकिन अडानी समूह के तेजी से विस्तार ने इस पर चिंता बढ़ा दी है।

क्रेडिट सुइस ने 2015 के हाउस ऑफ डेट रिपोर्ट में चेतावनी दी थी कि अडानी समूह बैंकिंग क्षेत्र के 12 प्रतिशत कर्ज लेने वाली 10 कंपनियों में सबसे ज्यादा गंभीर तनाव में है। फिर भी अडानी समूह विदेशी बैंकों या संस्थानों से उधार लेकर हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) के लिए धन जुटा रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अडानी को भारत और विदेश दोनों जगह पूंजी मिल जाती है और वह निवेशकों को बता सकता है कि उन्होंने कर्ज चुकाने में कभी देरी नहीं की ना ही डिफॉल्ट किया। अडानी समूह की कंपनियों ने 2 अरब डॉलर से अधिक की बॉन्ड बिक्री के साथ अंतरराष्ट्रीय ऋण बाजार का दोहन किया और अडानी गैस ने 600 मिलियन डॉलर की कुल बिकवाली के लिए 37.4 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची, जिससे उसे महामारी के झटके का सामना करने के लिए पर्याप्त नकदी मिली। अंतर्राष्ट्रीय बिजनेस समूह अडानी के साथ साझेदारी करने के लिए कतार में हैं। इसी महीने की शुरूआत में, अडानी ने इतालवी गैस और बुनियादी ढांचा समूह सनम के साथ हाइड्रोजन और बायोगैस में रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की।

लेकिन कई लोग कहते हैं कि अडानी समूह अब इतना बड़ा हो गया है कि वो विफल नहीं हो सकता। बकले कहते हैं, वो पिछले 20 साल में भारत के सबसे शक्तिशाली लोगों में से एक बन गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, वह जो छूते हैं वह सोने में बदल जाता है।

एसकेपी

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।